विश्व डुगोंग दिवस (World Dugong Day)

डुगोंग (Dugong)

प्रत्येक वर्ष 28 मई को विश्व डुगोंग दिवस (World Dugong Day) के रूप  मनाया जाता है।

प्रमुख बिंदु

  • डुगोंग को ’समुद्री गाय (Sea Cow)’ भी कहा जाता है। यह एकमात्र समुद्री स्तनधारी है, जो शाकाहारी है।
  • डुगोंग को IUCN की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त प्रजाति (Vulnerable Species) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है तथा भारत में इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम – 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित किया गया है।
  • जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) की 2013 की सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु में), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और कच्छ की खाड़ी (गुजरात) में लगभग 200 डुगोंग (Dugong) रहते थे।
  • डुगोंग (Dugong) समुद्री पारिस्थितिक तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके विलुप्त होने से खाद्य श्रृंखला के सभी स्तर प्रभावित होंगे। संरक्षण ही एकमात्र उपाय है, जिससे डुगोंग (Dugong) को विलुप्त होने से बचाया जा सकता है।

खतरा

मानव गतिविधियों (जैसे – आवास, प्रदूषण, अवैध मछली पकड़ने का कार्य, पोत, अवैध शिकार और अनियोजित पर्यटन समुद्री गाय (Dugong) के लिए प्रमुख खतरे हैं।

  • डुगोंग का अवैध शिकार उसके मांस के लिए भी किया जाता है। गलत धारणा के तहत यह माना जाता है कि डुगोंग का मांस मानव शरीर के तापमान को ठंडा करता है।

Trawling – यह मछली पकड़ने की एक विधि है जिसमें नावों के पीछे पानी के माध्यम से मछली पकड़ने का जाल खींचना शामिल है। यह समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के लिए हानिकारक है क्योंकि यह समुद्री तटों पर रहने वाले जीवों (जैसे – प्रवाल भित्तियों,  डुगोंग और अन्य समुद्री जानवरों) को नुकसान पहुंचाता है।

समुद्री गाय (Dugong) के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम 

फरवरी 2020, में भारत ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के तत्वावधान में हस्ताक्षरित एक पर्यावरण संधि, प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (CMS) के लिए कॉन्फ्रेंस ऑफ़ पार्टीज (CoP) 13 वें सम्मेलन की मेजबानी की।

  • वर्ष 1983 में भारत सरकार ने एक संधि प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (CMS) पर हस्ताक्षर किए है।
  • भारत ने साइबेरियन क्रेन (1998), समुद्री कछुआ (2007), डुगोंग (2008) और रैप्टर (2016) के संरक्षण और प्रबंधन के लिए कंजर्वेशन ऑफ़ माइग्रेटरी  स्पीशीज (CMS) के साथ गैर-कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा भारत में “UNEP/CMS Dugong MoU” के तहत के डुगोंग के संरक्षण और कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों को देखने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया।

  • यह भारत डुगोंग संरक्षण के लिए दक्षिण एशिया उप-क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र के रूप में कार्य करने की सुविधा प्रदान करता है।

Note : डुगोंग (Dugong) एक शाकाहारी समुद्री जीव जो एक दिन में लगभग 40 किलोग्राम समुद्री घास खाते हैं।

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