Important facts related to Uttarakhand Panwar Dynasty

उत्तराखंड – पंवार वंश से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 3)

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  • पंवार शासन काल में पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था थी।
  • सामाजिक दृष्टि से श्रीनगर एक मुख्य नगर कौन-सा था।
  • ब्राह्मणों एवं राजपूतों के मध्य कौन-सी विवाह पद्धति प्रचलित थी – ब्रह्मविवाह
  • चावल, गेहूं, जौ और मडुवा पंवार वंश के शासनकाल में प्रमुख खाद्यान्न फसले थी।
  • कृषिपशुपालन पंवार वंश के शासनकाल में राज्य का प्रमुख व्यवसाय क्या था।
  • कृषि उपज का 1/3 भाग कर के रूप में लिया जाता था।
  • परमार/पंवार राजवंश का व्यापार मुख्यत: तिब्बत, कुमाऊंमैदानी भागों से था।
  • श्रीनगर में सिक्के ढलाई (टका) का प्रमुख टकसाल स्थित था।
  • गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास को सुचारू करने का श्रेय पंवार वंश को जाता है।
  • अजयपाल द्वारा कौन-सी नापतौल की पाथा पद्धति प्रचलित की गई थी।
  • सतलज नदी तट पर युद्ध करते हुए माधो सिंह भण्डारी वीर गति को प्राप्त हुए थे।
  • पंवार वंश के शासनकाल में प्रचलित औताली एक प्रकार का राजस्व कर था।
  • वर्ष 1657-1661 के मध्य पृथ्वीपति शाह ने मुगल सुलेमान शिकोह को शरण दी थी।
  • फतेपतिशाह के दरबार में दो प्रमुख प्रसिद्ध चित्रकार केहरदासश्यामदास थे।
  • रानी कर्णावती (महिपति शाह की पत्नी) की तुलना गोण्डवाना की रानी दुर्गावती से की गई है।
  • चंद शासक कीर्तिचन्द और अजयपाल के मध्य संधि हुई थी।
  • माधो सिंह भण्डारी पंवार वंश के राजा महिपतिशाह का सेनापति था।
  • मवालस्यू महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार रानी कर्णावती द्वारा करवाया गया था।
  • रानी कर्णावती का पृथ्वीपति शाह की संरक्षिका के रूप में कार्यकाल – वर्ष 1634 – 41
  • फतेहपति शाह के शासन काल में चन्द राजा उद्योतचंद ने गढ़वाल के बधाणगढ़ के क्षेत्र को जीता।
  • पंवार वंश के शासक जयकीर्ति शाह की मृत्यु रघुनाथ मन्दिर में हुई थी।
  • वर्ष 1786 में प्रद्युम्नशाह के शासन काल में गढ़वाल पर रोहिलों का आक्रमण हुआ था।
  • वर्ष 1794 – 95 के मध्य गढ़वाल क्षेत्र में भीषण अकाल पढ़ा था।
  • चंद शासक बाजबहादुर द्वारा नंदा राजजात यात्रा के लिए छतोली भेजी गयी थी।
  • उत्तराखंड का सबसे बढ़ा संरक्षण आरक्षित क्षेत्र नंदा देवी है।
  • गोरखा रेजीमेंट की स्थापना अल्मोड़ा में हुई थी।
  • वर्ष 2005 में हिमालय संग्रहालय की स्थापना हुई थी।

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