UPTET 2015 – Paper – I (Child Development and Pedagogy) Answer Key

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परीक्षा (Exam) – UPTET (UttarPradesh Teacher Eligibility Test) Paper I (Classes I to V)
भाग (Part) – Part – 1 – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy)
परीक्षा आयोजक (Organized) –  UPBEB

कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) – 2015


Q1. अपने चिंतन में अवधारणात्मक परिवर्तन लाने हेतु fशक्षार्थियों को सक्षम बनाने के लिये शिक्षिका को
(1) बच्चों को स्वयं चिंतन करने के लिये हतोत्साहित करना चाहिए कि वे शिक्षिका को सुनें और उसका अनुपालन करें।
(2) उन बच्चों को पुरस्कार देना चाहिये जिन्होंने अपने चिंतन में परिवर्तन किया है।
(3) व्याख्यान के रूप में व्याख्या प्रस्तुत करनी चाहिए।
(4) स्पष्ट और आश्वस्त करने वाली व्याख्या देनी चाहिए तथा शिक्षार्थियों के साथ चर्चा करनी चाहिए।

Q2. प्राथमिक विद्यालय के कक्षा-कक्ष के संदर्भ में सक्रियबद्धता का क्या अर्थ है?
(1) शिक्षक का अनुकरण और नकल करना
(2) याद करना, प्रत्यास्मरण और सुनाना
(3) जाँच-पड़ताल करना, प्रश्न पूछना और वाद-विवाद
(4) शिक्षक द्वारा दिये गये उत्तरों को नकल करना

Q3. बच्चे तब सर्वाधिक सृजनशील होते हैं, जब वे किसी गतिविधि में भाग लेते हैं।
(1) दूसरों के सामने अच्छा करने के दबाव में आकर
(2) शिक्षक की डॉट से बचने के लिये
(3) अपनी रुचि से
(4) पुरस्कार के लिए

Q4. भारत में अधिकांश कक्षाएँ बहुभाषी होती है और इसे शिक्षक द्वारा………के रूप में देखा जाना चाहिए।
(1) समस्या
(2) परेशानी
(3) संसाधन
(4) बाधा

Q5. शिक्षार्थियों द्वारा की गई गलतियों और त्रुटियाँ
(1) शिक्षक और शिक्षार्थियों की असफलता के सूचक है।
(2) बच्चों को कमजोर’ अथवा ‘उत्कृष्ट चिहित करने के अच्छे अवसर है।
(3) उनके चिंतन को समझने के अवसर के रूप में देखी जानी चाहिए।
(4) कठोरता से निपटाई जानी चाहिए।

Q6. ………. के विचार से बच्चे सक्रिया ज्ञान-निर्माता तथा नन्हें वैज्ञानिक है, जो संसार के बारे में अपने fसद्धान्तों की रचना करते है।
(1) पैवला व
(2) स्किनर
(3) युंग
(4) पियाजे

Q7.बाल-केंद्रित शिक्षा-शाध का अर्थ है।
(1) बच्चों को शिक्षक का अनुगमन और अनुकरण करने के लिये कहना
(2) बच्चों को नैतिक शिक्षा देना
(3) बच्चों की अभिव्यक्ति और उनकी सक्रिय भागीदारी को महत्व देना
(4) बच्चों को पूर्ण रूप से स्वतंत्रता देना

Q8. जटिल परिस्थति को संसाधित करने में शिक्षक बच्चों की सहायता कर सकता है।
(1) कोई भी सहयता न देकर, जिससे बच्चे अपने आप निर्वाह करना सीखें
(2) प्रतियोगिता को बढ़ावा देकर और सबसे पहले कार्य पूरा करने वाले बच्चे को पुरस्कार देकर
(3) उस पर एक भाषण देकर
(4) कार्य को छोटे हिस्सों में बाँटने के बाद निर्देश लिखकर

Q9. शिक्षार्थियों से वह अपेक्षा करना है कि वे ज्ञान को उसी रूप में पुनः प्रस्तुत कर देंगे जिस रूप में उन्होंने उसे ग्रहण किया है।
(1) एक प्रभावी आकलन युक्ति है
(2) अच्छा है, क्योंकि यह शिक्षक के लिये आकलन में
(3) समस्यात्मक है, क्योंकि व्यक्ति अनुभवों की व्याख्या करते हैं और ज्ञान को ज्यों-का-त्यों पुन: उत्पादित नहीं करते
(4) अच्छा है, क्योंकि जो भी हमारे मन में है हम उसे रिकार्ड करने लगते है।

Q10. जब शिक्षार्थियों को समूह में किसी समस्या पर चर्चा का अवसर दिया जाता है, तब उनके सीखने का चक्र
(1) स्थिर रहता है
(2) बेहतर होता है
(3) अवनत होता है
(4) समान रहता है

Q11. विकास की गति एक व्यक्ति से दूसरे में भिन्न होती है, किन्तु यह एक………..नमूने का अनुगमन करती
(1) अव्यवस्थित
(2) एडी-से-चोटी
(3) अप्रत्याशित
(4) क्रमबद्ध और व्यवस्थित

Q12. विकास के लिये निम्नलिखित में से कौन-सा एक उचित है?
(1) ‘सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करता है।
(2) विकास जन्म के साथ प्रारम्भ होता है और समाप्त होता
(3) विकास एकल आयामी है।
(4) विकास पृथक होता है।

Q13. व्यक्तियों में एक-दूसरे से भिन्नता क्यों होती है?
(1) जन्मजात विशेषताओं के कारण
(2) वातावरण के प्रभाव के कारण
(3) वंशानुक्रम और वातावरण के बीच अन्योन्यक्रिया के कारण
(4) प्रत्येक व्यक्ति को उसके माता-पिता से जीनों का भित्र समुच्चय प्राप्त होने के कारण

Q14. बच्चे के समाजीकरण में परिवार…….भूमिका निभाता है।
(1) रोमांचकारी
(2) कम महत्वपूर्ण
(3) मुख्य
(4) गौण

Q15. निम्मालिखित में से कौन-सा एक सही मिलान वाला जोड़ा है?
(1) औपचारिक संक्रियात्मक बच्चा – अनुकरण प्रारंभ, कल्पनापरक खेल
(2) मूर्त संक्रियात्मक बच्चा – संधारण एवं वर्गीकरण करने योग्य
(3) शैशवावस्था – तर्क का अनुप्रयोग और अनुमान लगाने में सक्षम
(4) पूर्वसंक्रयात्मक बच्चा – निगमनात्मक विचार

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