Sukhoi-30 MKI and BrahMos Missile

सुखोई -30 MKI और ब्रह्मोस मिसाइल (Sukhoi-30 MKI and BrahMos missile)

12 mins read

ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos missile) से लैस चौथी पीढ़ी के लड़ाकू जेट सुखोई -30 MKI के एक स्क्वाड्रन को दक्षिणी वायु कमांड, तंजावुर में शामिल किया गया था।

  • यह जेट सुखोई -30 MKI लड़ाकू विमान भारत को हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में अपनी हवाई और समुद्री प्रभुत्व क्षमता बनाए रखने में मदद करेगा।
  • सुखोई – 30 जेट को ब्रह्मोस मिसाइलों को ले जाने के लिए तथा हवा से सतह (air to surface) पर आक्रमण करने के लिए संशोधित किया गया है, जिससे वायु सेना को लंबी दूरी पर हमले करने की सटीक क्षमता मिलती है।

सुखोई -30 MKI और ब्रह्मोस का एकीकरण (Integration of Sukhoi-30 MKI and BrahMos)

  • 2014 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) ने मिसाइल के साथ एकीकरण के लिए दो सुखोई -30 MKI विमानों को संशोधित करने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
  • यह दुनिया में पहली बार है जब किसी लड़ाकू विमान में इतनी भारी वजन वाली मिसाइल (ब्रह्मोस मिसाइल) को एकीकृत किया गया।
  • ब्रह्मोस मिसाइल 2.5 टन के वजन के साथ Sukhoi-30 MKI लड़ाकू विमान पर तैनात किया जाने वाला सबसे भारी हथियार है।

ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos missile)

  • ब्रह्मोस मिसाइल एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो भारतीय प्रणोदन प्रणाली (Indian propulsion system), एयरफ्रेम, बिजली की आपूर्ति और अन्य प्रमुख स्वदेशी घटकों से निर्मित की गयी है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPOM का एक संयुक्त उद्यम है।
    • ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos missile) का नाम ब्रह्मपुत्र और मोस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है।
  • यह दो चरण (पहले चरण में ठोस प्रणोदक इंजन और दूसरे में तरल प्रणोदक) है जो लगभग 300 किमी की उड़ान रेंज के साथ सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है।
    • हालांकि, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) में भारत के प्रवेश ने ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता को 450 Km से 600 Km तक पहुंचा दिया है।
  • ब्रह्मोस एक मल्टीप्लायर है, जिसे भूमि, वायु और समुद्र और बहु ​​क्षमता वाली मिसाइल से लॉन्च किया जा सकता है, जो अपने लक्ष्य की सटीकता के साथ किसी भी मौसम में कार्य करने में सक्षम है।
  • यह मिसाइल “दागो और भूल जाओ (Fire & Forget)” के सिद्धांत पर आधारित है, अर्थातः इसे लॉन्च के बाद आगे मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं होती है।
  • ब्रह्मोस वर्तमान में 2.8 Mach की गति के साथ सबसे तेजी से संचालित होने वाली क्रूज मिसाइल है, जो ध्वनि की गति से 3 गुना अधिक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!