बीज प्रौद्योगिकी

बीज प्रौद्योगिकी (Seed technology)

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बीज प्रौद्योगिकी (Seed Technology) से बीजों की आनुवंशिक और भौतिक विशेषताओं में सुधार किया जा सकता है। इसके अंतर्गत पौधों की नई प्रजातियों का विकास, बीज उत्पादन, मूल्यांकन, संग्रहण, प्रमाणीकरण आदि सम्मिलित है।

किसी भी फसल का वह भाग जिसे प्रजनक (Propagules) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, उसे बीज कहते है।

बीज एक निषेचित बीजाण्ड (fertilized ovule) है। इस निषेचित बीजाण्ड (fertilized ovule) में Embryo, Endosperm, तथा Seed coat पाया जाता है, और इसमें अंकुरण (Germinate) की क्षमता होती है।

शुद्धता के आधार पर बीजों के आधार पर 4 वर्गों में विभाजित किया गया था –

प्रजनक बीज (Breeder seeds)

  • वह बीज जो जिसका विकास पादप (Plant) या जिस संस्था द्वारा वह उत्पन्न किया जाता है, उससे सीधे तौर पर संबंधित होता है।
  • प्रजनक बीज (Breeder seeds) में फ़सल की आनुवंशिक शुद्धता (genetic purity) को 100% बनाए रखा जाता है।

आधार बीज (Foundation Seeds) 

  • वह बीज जिनका विकास प्रजनक बीज से किया जाता है आधार बीज कहलाते है। इन बीजों में विशेष मानकों के अनुसार अनुवांशिक गुण और शुद्धता बनी रहती है।
  • भारत में इसका उत्पादन राष्ट्रीय बीज निगम, भारतीय राज्य फार्म निगम और राज्य बीमा निगमों द्वारा किया जाता है।

पंजीकृत बीज (Registered seed)

  • वह बीज जिनका विकास आधार बीज (Foundation Seeds) से किया जाता है पंजीकृत बीज (Registered seed) कहलाते है।
  • इन बीजों का उत्पादन प्रमाणीकरण संस्था की देखरेख में किया जाता है ताकि इनमें विशेष मानकों के अनुसार अनुवांशिक गुण और शुद्धता बनी रहे।

प्रमाणित बीज (Certified Seed)

वह बीज जिनका उत्पादन पंजीकृत या आधार बीज से किया जाता है, उन्हें प्रमाणित बीज (Certified Seed) कहा जाता है। इन बीजों का उपयोग व्यावसायिक कृषि के लिए किया जाता है।

Note:

  1. वर्ष 1956-1957 में भारत सरकार द्वारा राज्य बीज फार्म परियोजना की शुरुआत की गयी थी।
  2. वर्ष 1963 में राष्ट्रीय बीज निगम (National seed corporation) की स्थापना की गयी थी।
  3. बीजों के विकास, उत्पादन व वितरण आदि से सम्बन्धित कार्यों के क्रियान्यवन के लिए भारतीय बीज अधिनियम – 1966 पारित किया गया था।
  4. वर्ष 1988 में भारतीय किसानों को विदेशों में उपलब्ध उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1988 में The new policy on Seed Development (NPSD) नामक नीति बनायीं गयी थी।

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