schedules of indian constitution

भारतीय संविधान की अनुसूचियां

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मूल रूप से भारतीय संविधान में 8 अनुसूचियां थी, किन्तु वर्त्तमान में कुल 12 अनुसूचियां हैं जो निम्नलिखित हैं –

प्रथम अनुसूची (First Schedule)  इसके अंतर्गत भारतीय संघ में शामिल राज्यों तथा संघ शाषित क्षेत्रों (Union Territories) का उल्लेख है, जिनकी संख्या क्रमश: 29 तथा 8 है। इससे संबंधित अनुच्छेद 1 से 4 हैं।

द्वितीय अनुसूची (Second Schedule) इसके अंतर्गत भारतीय राजव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों [राष्ट्रपति (President), राज्यपाल (Governor), लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (Speaker and Deputy Speaker of Lok Sabha), राज्यसभा के सभापति और उप-सभापति (Chairman and Deputy Speaker of Rajya Sabha), विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (Speaker and Deputy Speaker of Legislative Assembly), विधानपरिषद के सभापति और उप-सभापति विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (Chairman and Deputy Chairman of Legislative Assembly), उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों (Supreme Court and judges of the High Courts), और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India)]  आदि को प्राप्त होने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है। इस अनुसूची का संबंध अनुच्छेद 59(3), 65(3),75(6) 97, 125, 148(3), 158(3), 164(5), 186 और 221 से है।

तृतीय अनुसूची (Third Schedule)  इसके अंतर्गत विभिन्न पदाधिकारियों [ राष्ट्रपति (President), उपराष्ट्रपति (Vice President), संसद सदस्य (Member of Parliament), उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश (Judge of Supreme Court and High Courts)] आदि द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है। इस अनुसूची का संबंध अनुच्छेद 75(4), 99, 124(6), 148(2), 164(3), 188 और 219 से है।

तृतीय अनुसूची (Fourth Schedule) – इसके अंतर्गत भारतीय राज्यों (Indian states) तथा संघीय क्षेत्रों (Union territories ) का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया हैं इस अनुसूची का संबंध अनुच्छेद 4(1) और 80(2) से है।

पांचवी अनुसूची (Fifth Schedule)   इसके अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों (scheduled areas) और अनुसूचित जनजातियों (scheduled tribes) के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में का विवरण दिया गया है। इस अनुसूची का संबंध अनु. 244(1) से है।

छठी अनुसूची (Sixth Schedule) –  इसके अंतर्गत असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों में प्रशासन के बारे में उल्लेख है। 1 अक्टूबर 2007 को दार्जिलिंग गोरखा पर्वतीय परिषद को इसमें शामिल किया gya है। इससे संबंधित अनुच्छेद  244 (2) और 275 (1) हैं।

सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) – इसमें केन्द्र और राज्य के मध्य शक्ति विभाजन के लिए तीन सूचियों का वर्णन है, जो निम्नलिखित है –

संघ सूची (Union List)  इस सूची में आरम्भ में 97 विषय थे, किन्तु मई 2003 में सेवाकर को इस सूची में शामिल करने के बाद वर्तमान में इनकी संख्या 98 हो गई है। वर्तमान में इसकी संख्या 99 है। इस सूची में शामिल विषयों पर सिर्फ केन्द्र सरकार कानून बना सकती है, जैसे – प्रतिरक्षा, युद्ध, विदेश मामले, रेलवे, वायु एवं जलपरिवहन, मुद्रा, विदेशी व्यापार आदि।

राज्य सूची (State List) – इस सूची में आरम्भ में 66 विषय शामिल थे, किन्तु वर्तमान में इसमें 62 विषय शामिल हैं। इस सूची में शामिल विषयों पर सिर्फ राज्य सरकार कानून बना सकती है,  किन्तु राष्ट्रीय हित से संबंधित विषयों पर केन्द्र सरकार भी राज्यसभा के सहयोग से इस सूची पर कानून बना सकती है।  जैसे – कृषि,  स्थानीय प्रशासन, पुलिस, भू-राजस्व, सिंचाई व्यवस्था, लोक स्वास्थ्य, पशुपालन आदि।

समवर्ती सूची (Concurrent List) – इस सूची के प्रारंभ में 47 विषय शामिल थे, किन्तु वर्तमान में इसमें 52 विषय सम्मिलित हैं, जैसे –  जनसंख्या नियंत्रण, शिक्षा, वन, , समाचार-पत्र, सामाजिक और आर्थिक नियोजन आदि हैं। समवर्ती सूची (Concurrent List) में उल्लेखित विषयों पर केन्द्र एवं राज्य सरकार दोनों द्वारा कानून बना सकती है किन्तु अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्र के पास होती हैं।

आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) इसके अंतर्गत वर्तमान में 22 भाषाओं को शामिल किया गया है, किंतु प्रारम्भ में इसके अंतर्गत केवल 14 भाषायें थीं। 1967 में सिंधी को, 1992 में कोंकणी, मणिपुरी तथा नेपाली को और 2003 में संथाली, डोंगरी, बोडो एवं मैथिली को इस अनुसूची में शामिल किया गया।

नवीं अनुसूची (Ninth Schedule)  प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 के द्वारा भारतीय संविधान में इस अनुसूची को जोड़ा गया। इसके अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है। इस अनुसूची का संबंध अनुच्छेद 31(B) से है। इसमें अनुच्छेद 300 (अधिकांश भूमि संबंधी सुधार) अधिनियमों का वर्णन है, जिसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। संसद को इस पर असीम शक्ति प्राप्त है, किंतु जनवरी 2007 में सप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि अप्रैल 1973 के बाद बने अधिनियम पर संसद उस पर सुरक्षा कवच नहीं रख सकती। इस पर न्यायिक पुनरावलोकन किया जा सकता है।

दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule)  52वां संशोधन 1985 के द्वारा भारतीय संविधान में इस अनुसूची को जोड़ा गया। इसमें दल-बदल से सम्बंधित प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इस अनुसूची का संबंध अनुच्छेद 102(2) 191(2) और 361(B) से है।

ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule)  73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा भारतीय संविधान में इस अनुसूची को जोड़ा गया। इसमें पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व के बारे में वर्णन है। इसका संबंध अनुच्छेद 243(A) से 243 (E) तक है। इस अनुसूची में 29 विषय शामिल हैं।

बारहवीं अनुसूची (Twelfth Schedule) – 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा भारतीय संविधान में इस अनुसूची को जोड़ा गया। इसमें नगरपालिकाओं की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व के बारे में उपबंध हैं। जो अनुच्छेद 243(त) से 243 (यछ) तक संबद्ध है। इस अनुसूची में 18 विषय शामिल है

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