उत्तराखंड में रेल परिवहन

जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में रेल पथ का विकास बहुत ही कम हुआ है। उत्तराखंड में रेलवे का विस्तार केवल 344.9 Km में ही हुआ है, जिसमें 283.7 Km बड़ी लाइने15 Km छोटी लाइने है।

उत्तराखंड में जितने भी रेल लाइनें हैं वह सब ब्रिटिश काल में ही बनाई गई है, आजादी के बाद उत्तराखंड में रेल लाइन का बिल्कुल भी विस्तार नहीं हुआ।

वर्तमान में उत्तराखंड के केवल 6 जिलों (हरिद्वार, देहरादून, पौढ़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर व चंपावत) में ही रेल लाइनों का विस्तार है, जिनमें कुल छोटी-बडे 41  स्टेशन है।

Note: उत्तराखंड में सर्वाधिक जिला रेल ट्रैक वाला जिला हरिद्वार तथा सबसे कम रेल ट्रैक वाला जिला पौढ़ी गढ़वाल है।

उत्तराखंड में रेलवे कुमाऊंगढ़वाल मंडल में विभक्त है।

  • गढ़वाल का क्षेत्र – उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आता है। उत्तर रेलवे का आखिरी स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन है। जिसे वर्ष 1900 में स्थापित किया गया था।
  • कुमाऊ का क्षेत्र – पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल (बरेली) के अंतर्गत आता है।  पूर्वोत्तर रेलवे / उत्तर-पूर्वी रेलवे का आखिरी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जिसे वर्ष 1884 में स्थापित किया गया था।

उत्तराखंड में रेलवे का इतिहास 

  • 22 दिसंबर 1851 को भारत में सर्वप्रथम रेल रुड़की से पिरान कलियर तक चली थी। यह दो डिब्बे वाली ट्रेन थी जिसकी गति 4 मील प्रति घंटे थी।
  • इनका उपयोग “गंगनहर निर्माण” के समय रुड़की से धनौरी तक बिछाई गयी रेल लाइन में 9 माह तक मिट्टी की ढुलाई हेतु किया गया था।
  • इस संस्थान के संस्थापक जेम्स थॉमसन के नाम पर ही देश के पहले लोकोमोटिव इंजन (locomotive engine) का नाम थॉमसन रखा गया।

Note

  • 24 अप्रैल 1884 को काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेन का नाम अवध-तिरहुत  मेल था।
  • 1 जनवरी 1896 को लक्सर जंक्शन को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया।
  • वर्ष 1900 में हरिद्वार रेलवे स्टेशन को देहरादून रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया। हरिद्वार-देहरादून रेल मार्ग, राजाजी नेशनल पार्क के मध्य से होकर गुजरता है।
  • 15 मार्च 1912 को नई रेलवे लाइन ने खोली गई और टनकपुर को रेलवे से जोड़ा गया।
  • वर्ष 1920 में लालकुआं से आगरा के मध्य कुमाऊं एक्सप्रेस नाम की ट्रेन चलाने की शुरुआत की गई।
  • वर्ष 2000 के मॉडल स्टेशन के लिए देहरादून रेलवे स्टेशन को 2003 में ISO का दर्जा दिया गया।। यह दर्जा पाने वाला देहरादून राज्य का प्रथम रेलवे स्टेशन है।

उत्तराखंड में रेलवे की प्रस्तावित परियोजनाएँ 

  • टनकपुर से बागेश्वर के मध्य प्रस्तावित रेल पथ को मार्च 2012 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया गया। इस पर आने वाले खर्च का पूरा वहन केंद्र सरकार करेगी।
  • निर्माणाधीन मुजफ्फरनगर – रुड़की रेल पथ हेतु राज्य सरकार 50 % वित्तपोषण करेगी।
  • ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलपथ का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है

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