उत्तराखंड – चंद वंश से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 1)

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  • उत्तराखंड में चंद वंश का संस्थापक सोमचंद था, चंद वर्ष के शासकों द्वारा वर्ष 700 से 1790 ई. तक शासन किया गया।
  • चंद वंश के शासक इंद्र चंद (758-778 ई.) द्वारा कुमाऊँ में रेशम के कारखाने स्थापित किए गए थे।
  • चंद शासक वीणा चंद को खस राजाओं द्वारा पराजित किया गया था।
  • चंद वंश के शासक वीरचंद द्वारा खस राजाओं को पराजित कर पुनः कुमाऊँ का राज्य प्राप्त किया।
  • चंद वंश के शासक उद्योत चंद द्वारा बालेश्वर मंदिर (चंपावत) की स्थापना की गयी, तथा विक्रम चंद द्वारा बालेश्वर मंदिर (चंपावत) का निर्माण पूर्ण कराया गया।
  • चंद वंश के शासक भारतीचंद के शासनकाल में रत्न चंद द्वारा डोटी राजाओं को परास्त कर सोर घाटी (पिथौरागढ़) पर कब्जा कर लिया गया।
  • चंद शासक कीर्ति चंद द्वारा बारहमंडल, पाली तथा फल्दाकोट पर अधिकार किया गया था।
  • चंद शासक कीर्ति चंद द्वारा पौराणिक वृद्ध केदार शिव मंदिर (अल्मोड़ा) का निर्माण तथा सोमनाथरेश्वर महादेव मंदिर का पुनः निर्माण किया।
  • चंद शासक कीर्ति चंद द्वारा कीर्तिपुर शहर की स्थापना की गयी, जिसका वर्तमान नाम जसपुर है।
  • बालो कल्याण चंद द्वारा कुमाऊं की राजधानी को खगमरा किले (चम्पावत) से स्थानांतरित कर अल्मोड़ा (आलमगर नगर) स्थापित किया गया। प्राचीन काल में अल्मोड़ा को राम क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता था।
  • बालो कल्याण चंद द्वारा गंगोली, बारहमंडल, पाली तथा दानपुर पर अधिकार किया गया था।
  • रोहिला राजपूतों द्वारा कुमाऊं पर आक्रमण कर चंद शासक कल्याण चंद को पराजित किया गया था।
  • थोहरचंद को चंद वंश का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।
  • नंदादेवी मंदिर (अल्मोड़ा) का निर्माण चंद शासक ज्ञानचंद द्वितीय द्वारा किया गया था।
  • हर्षदेव जोशी को कुमाऊं का चाणक्य कुमाऊं का शिवाजी के नाम से भी जाना जाता है। हर्षदेव जोशी चंद शासक मोहनचंद के शासनकाल में मंत्री था।
  • बाज बहादुर चंद को मुगल शासक शाहजहां द्वारा बहादुर की उपाधि की गयी।
  • गेंडा, चंद शासक लक्ष्मीचंद का सेनापति था।
  • चंद वंश के शासक, रूद्रचंद्र द्वारा अपने राज्य के युवाओं को बनारस तथा कश्मीर में संस्कृत शिक्षा प्राप्त करने हेतु भेजा गया।
  • गमरा किले (चंपावत) का निर्माण चंद वंश के शासक भीष्मचंद द्वारा किया गया था।

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