जंगुबाई गुफा मंदिर और कपलाई गुफाएँ

जंगुबाई गुफा मंदिर (Jangubai Cave Temple) और कपलाई गुफाओं (Kaplai Cave) को गोंड, प्रधान और कोलम जैसी आदिवासी जनजातियों द्वारा एक तीर्थ स्थल के रूप में माना जाता है।

ये गुफाएँ महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा पर स्थित हैं।

कोलम जनजाति (Kolam tribe)

  • कोलम जनजाति (कोलावर) महाराष्ट्र की एक अनुसूचित जनजाति है। जिनकी जनसंख्या आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी रहती हैं।
  • इस जनजाति की भाषा (कोलमी) है, जो गोंड भाषा की तरह, द्रविड़ भाषाओं के मध्यवर्ती समूह की है।
  • वे एकरूप हैं और हिंदू धर्म का पालन करते हैं।
  • हाल ही में 2018 में, सरकार ने कटकारिया (कठोडिया), कोलम और मारिया गोंड को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के रूप में चिह्नित किया है।

गोंड जनजाति (Gond Tribe)

  • गोंड जनजाति छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में विस्तृत है।
  • यह जनजाति विंध्य और सतपुड़ा के मध्य वनों और पहाड़ी इलाकों में निवास करती है।

प्रधान जनजाति (Pradhan Tribe)

  • प्रधान आदिवासी गोंड लोगों का उपसमूह है जो मध्य भारत में रहते हैं।
  • प्रधान जनजाति का अधिकांश हिस्सा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में निवास करता है।
  • प्रधान जनजाति के लोगों की प्राथमिक भाषा उनकी अपनी प्रधान भाषा है। कुछ प्रधान जनजाति के लोग हिंदी, मराठी और गोंड भाषा भी बोलते हैं।
  • प्रधान जनजाति का पारंपरिक व्यवसाय त्योहारों और जीवन के महत्वपूर्ण समारोहों में गायक और संगीतकारी है।

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