important material and their use

प्रमुख धातुएँ एवं इनका प्रयोग

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सोडियम (Sodium): Na  

  • गलित सोडियम का प्रयोग नाभिकीय रियेक्टरों में शीतलकों (Coolent) के रूप में किया जाता है।
  • सोडियम वाष्प का प्रयोग सोडियम लैम्पों (sodium lamps) में किया जाता है।
  • सोडियम क्लोराइड (NaCl) का प्रयोग खाने के नमक के रूप में किया जाता है, सोडियम क्लोराइड (NaCl) की अधिकता से रक्तदाब में वृद्धि होती है।

पोटैशियम (Potassium) : (K) – 

  • पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3) को शोरा या बारूद कहते हैं, तथा इसका उपयोग विस्फोटक पदार्थ बनाने में होता है।
  • भोजन या शरीर में उपस्थित पोटैशियम (Potassium)  हृदय की गति को नियंत्रित करता है।
  • पोटैशियम (Potassium) के विभिन्न यौगिकों को पोटाश उर्वरक के रूप में उपयोग किया जाता है। जैसे – पोटैशियम क्लोराइड (KCI), पोटैशियम सल्फेट (K2SO4)
  • पोटैशियम कार्बोनेट (K2CO3), पोटैशियम नाइट्रेट (KNO3).

कैल्सियम (Calcium) : (Ca) 

  • कैल्शियम (Calcium) व फास्फोरस (phosphorus), हड्डियों और दांत के मुख्य संगठक/अवयव हैं।
  • कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) का उपयोग दंत मंजन पेस्ट तथा पाउडर के निर्माण में  किया जाता है।
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (Hemihydrate Calcium Sulphate – (CaSo4, 1/2 H2O) जल से क्रिया (जल योजन) करने के बाद ठोस और कड़ा हो जाता है। इसका उपयोग हड्डियों को जोड़ने, मूर्तियों, खिलौनों आदि का निर्माण करने में किया जाता है।

ताँबा (Copper) : (Cu) 

  • विद्युत सुचालक होने के कारण ताँबे (Copper) का प्रयोग विद्युत तारों तथा उपकरणों के निर्माण में किया जाता हैं। जैसे – बर्तन, सिक्का, मिश्र धातु आदि।
  • कॉपर सल्फेट (‎CuSO4) तथा क्यूप्रस आक्साइड (Cu2O) का उपयोग कीटनाशक तथा पीड़ानाशक का निर्माण करने में किया जाता है।

मैग्नीशियम (Magnesium) : (Mg)

  • पौधों के क्लोरोफिल के  मुख्य संघटक में मैग्नीशियम होता है।
  • यह बाजार में ENO  एक एंटीएसिड (Antiacid) है, जिसका प्रयोग पेट की अम्लता और गैस दूर करने के लिए किया जाता है। इसका रासायनिक नाम मैग्नीशियम एल्वा (Mg(OH)2.MgCO3 3H2) है।

जिंक (Zinc): (Zn)  

  • जिंक आक्साइड (ZnO) का उपयोग मलहम (ointments) तथा चेहरे की क्रीम (face creams) तथा सफेद पेन्ट (white paints) बनाने में किया जाताहै।
  •  जस्ते (ZnO) का उपयोग लोहे की चादरों का जस्तीकरण करने में किया जाता है।

सोना (Gold) : (Au) 

अत्यधिक नर्म होने के कारण सोने (Gold) से आभषूण नहीं बनायें जा सकते, इसलिए सोने (Gold) से आभूषण बनाने के लिए उसमे अन्य धातुएँ मिलाई जाती है

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आभूषण बनाने के लिए सोने (Gold) में ताँबा (Copper) मिलाया जाता है। मिश्र धातुओं में आमतौर सोने की मात्रा को कैरेट के रूप में व्यक्त किया जाता हैं शुद्ध सोना 24 कैरेट का तथा 50% शुद्ध सोना 12 कैरेट का होता है, अर्थात् एक कैरेट सोने में (मिश्र धातु) में लगभग 4% सोना होता है।

चाँदी (Silver) : (Ag) 

  • चाँदी, विद्युत तथा ऊष्मा की सुचालक तथा सर्वाधिक जंग रोधी (करोसिओं less) धातु है।
  • इसका प्रयोग दंत गुहिकाओं में चाँदी और पारा की मिश्र धातु (silver amalgam) को भरा जाता है।
  • दर्पण बनाने के लिए, सिल्वर नाइट्रेट (AgNO3) का प्रयोग किया जाता है।
  • प्रकाश संवेदी होने के कारण सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr), सिल्वर क्लोराइड (AgCl), सिल्वर आयोडाइड (Agl) फोटोग्राफी प्लेट बनाने में किया जाता है।
  • कृत्रिम वर्षा के लिए भी सिल्वर आयोडाइड (Agl) का प्रयोग किया जाता है।

पारा (Mercury): (Hg) 

  • ट्यूब लाइट (tube light) में पारा वाष्प (mercury vapor) भरी जाती है।
  • पारा व किसी अन्य धातु से बने नए मिश्रधातु को अमलगम (Amalgam) कहा जाता है।

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