उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 14)

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  • लाखु उडियार (LakhuUdiyar) अल्मोड़ा में सुयाल नदी के तट पर स्थित है। सुयाल नदी को प्राचीन काल में शाल्मली नदी के नाम से जाना जाता था।
  • माता सुखरौ देवी का मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार नगर (लालढांग मार्ग, देवी रोड़) में स्थित है।
  • उत्तराखंड के घोड़ाखाल (नैनीताल जिले) में गोल्ज्यू देवता स्थित है। गोल्ज्यू देवता को ग्वेल, गोलू, बाला गोरिया, गौर भैरव आदि नामों से भी जाना जाता है।
  • उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर स्थित है।
  • उत्तराखंड के चंपावत जिले में चंद राजाओं द्वारा बालेश्वर महादेव का मंदिर का निर्माण कराया गया था, यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
  • उत्तराखंड के खीराकोट आंदोलन का संबंध खड़िया खनन से है।
  • शूरवीर सिंह के संग्रह से प्राप्त तांत्रिक विधा की पुस्तक सांवरी ग्रंथ में गढ़वाल के शासक राजा अजयपाल को आदिनाथ कहा गया है।
  • गुजडू क्षेत्र को गढ़वाल का बारदौली के नाम से जाना जाता है।
  • 2 अगस्त 1994 को उत्तराखण्ड क्रान्ति दल (UKD) द्वारा हिल केडर के विरोध में पौड़ी जनपद में आमरण अनशन शुरू किया गया। इसी घटना को उत्तराखंड में अगस्त क्रांति के नाम से जाना जाता है।
  • प्रसिद्ध चित्रकार मोलाराम द्वारा पंवार वंश के शासक पराक्रम शाह को विलासी, दुराचारी, चरित्रहिन राजकुमार कहा गया था।
  • डा. शेर सिंह पांगती द्वारा मुनस्यारी (पिथौरागढ़) में ट्रॉइबल हेरिटेज म्यूजियम (Tribal Heritage Museum) की स्थापना की गयी थी।
  • बाबू राम सिंह पांगती द्वारा जोहार का इतिहास नामक पुस्तक लिखी गई है।
  • उत्तराखंड में चौरासी कुटिया आश्रम, ऋषिकेश में स्थित है, जिसकी स्थापना महर्षि महेश योगीजी ने की थी।
  • घटकू मंदिर (बाराकोट, चम्पावत) में स्थित है, जो जनजातीय समुदाय की आस्था का केन्द्र है।
  • चंद वंश के शासक ज्ञानचंद के शासनकाल में कवि मति राम द्वारा अलंकार पंचशिखा की रचना की गयी थी।
  • उत्तराखंड में मसलों को फरण के नाम से भी जाना जाता है।
  • उत्तराखंड का प्रमुख पकवान अरसा मुख्य रूप से दक्षिण भारत का पकवान है।
  • स्वतन्त्रता संग्राम में कुमाऊँ का योगदान नामक पुस्तक की रचना इन्द्र सिंह न्याल द्वारा की गयी थी।

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