उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 12)

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उत्तराखंड राज्य पुलिस अकादमी, नरेंद्र नगर (टिहरी) में स्थित है।

हिमालय दिवस (Himalayan Diwas)

  • प्रत्येक वर्ष 9 सितम्बर को हिमाँचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकार द्वारा हिमालय दिवस (Himalayan Diwas) के रूप में मनाया जाता है।
  • हिमालय दिवस की शुरुआत वर्ष 2010 में एक पहल के रूप में हुई थी, जिसके प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं में सुंदर लाल बहुगुणा, अनिल जोशी, राधा बेहान आदि थे।
  • 9 सितंबर, 2014 को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत द्वारा हिमालय दिवस (Himalayan Diwas) मनाने की घोषणा आधिकारिक रूप से की गयी थी।

  • 26 जनवरी 2009 को पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा को पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से सम्मानित किया गया था।
  • ध्वज मंदिर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है।
  • भारतीय सैन्य अकादमी (Indian Military Academy – IMA) उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित है।
  • कवि सुमित्रा नन्दन पंत का जन्म कौसानी (बागेश्वर) में हुआ था।
  • देहरादून उत्तराखंड राज्य का सर्वाधिक चावल उत्पादन करने वाला जिला है।
  • शिवप्रसाद डबराल को इनसाइक्लोपिडिया ऑफ उत्तराखण्ड (Encyclopedia of Uttarakhand) के नाम से भी जाना जाता है।
  • उत्तराखंड को-ऑपरेटिव संघ (Uttarakhand Co-operative Association) का मुख्यालय हल्द्वानी में स्थित है।
  • 1 अप्रैल 2001 में उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।
  • उत्तराखंड वन्य जीव रक्षक प्रशिक्षण केंद्र (Wildlife Guard Training Center) कालागढ़ (पौड़ी) में स्थित है।
  • गंगा शतक की रचना गुमानी पंत (पंडित लोकरत्न पन्त) द्वारा की गयी थी।
  • मेरी प्रिय कहानियां लाल हवेली कहानी की रचना गौरा पंत द्वारा की गयी थी।
  • महारानी गुलेरिया द्वारा बद्रीनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया था
  • राज्य में आकाशवाणी (All India Radio Center) केंद्र पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, व  देहरादून जिलों में है।
  • उच्च स्थलीय पौध संस्थान (High terrestrial plants institute) उत्तराखंड के श्रीनगर में  स्थित है।
  • बाघनाथ मंदिर उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित है।
  • यूकेलिप्टस (Eucalyptus) के वृक्ष को पर्यावरण आतंकवादी के नाम से भी जाना जाता है।
  • देवदार (Cedar) के वृक्ष को पश्चिम हिमालय की शीतोष्ण पेटी के नाम से जाना जाता है।
  • बाज के वृक्ष को उत्तराखण्ड का कल्प वृक्ष के नाम से जाना जाता है।
  • देवस्थल (भीमताल) में एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन स्थित है, जिसे एरीज (Aryabhatta Research Institute of Observational Sciences – ARIES) कहा जाता है।
  • वर्ष 1920 में लाला लाजपत राय देहरादून आए थे।
  • मोतीचूर वन्य जीव अभ्यारण का वर्तमान नाम राजाजी नेशनल पार्क है।

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