उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 10)

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उत्तराखंड की भोटिया जनजाति का मुख्य रूप से भेड़पालन का कार्य करती है। भोटिया जनजाति की उप जातियाँ भोटिया, जाड़, मारछा व तोलछा है।

17 November 1960 को जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी तथा वर्ष 1972 में गोविंद बल्लभ पंत की स्मृति में इस विद्यालय का नाम परिवर्तित कर जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रख दिया गया।

30 मई 1930 को यमुना नदी के तट पर तिलाड़ी नरसंहार घटित हुआ था, यह ग्रामीणों द्वारा अपने वन अधिकारों के लिए एक आंदोलन था, जिस पर टिहरी राजा (नरेंद्र शाह) के वजीर चक्रधर जुयाल ने गोलियाँ चलवा दी। तिलाड़ी नरसंहार की तुलना जलियावाला बाग़ कांड से की जाती जाती है।

उत्तराखंड में ग्रीन स्कूल (Green School) की अवधारणा के प्रतिपादक वीरेंद्र रावत (Virendra Rawat) है।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत द्वारा उत्तराखंड में गंगा गाय महिला डेरी योजना की शुरूआत की गयी थी।

H.H कपाड़िया और J.S खैर उत्तराखंड राज्य तथा भारत के भी मुख्य न्यायाधीश रहे हैं।

गोविंद चातक जी द्वारा गढ़वाली भाषा में अंगारा और रैबार पत्रिका, हिमालय विद्यार्थी संघ’, ‘गढ़वाली साहित्य कुटीर संस्था पत्रिका शुरू की गयी थी।

वर्ष 1992 में श्री लोकेश नवानी द्वारा ‘धाद (आवाज लगाकर लोगों को चेताना या सावधान करना)’ नामक संस्था का गठन किया गया था।

नैनसिंह रावत द्वारा वर्ष 1866 में ल्हासा (नेपाल) का सर्वेक्षण किया गया था।

पिनाकेश्वर मन्दिर उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित है।

वर्ष 2005 में उत्तराखंड में सहकारी सहभागिता योजना की शुरुआत की गयी थी।

3 नवम्बर 2012 को गैरसैण (चमोली) में उत्तराखंड राज्य मंत्रिपरिषद की पहली बैठक हुई थी।

26 अप्रैल 2001 को उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य पर्यटन नीति की घोषणा की गई थी। वर्तमान में उत्तराखंड के कुल 264 पर्यटक स्थल है। उत्तराखंड में वर्ष 20012015 को पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया गया था।

    • उत्तराखंड में पर्यटन को  थ्रस्ट उद्योग के नाम से भी जाना जाता है।
    • उत्तराखंड के लगभग 50 केंद्रों को पर्यटन संबंधित जानकारी के लिए स्थापित किया गया है।
    • INTACH/इंटैक (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज) संस्था द्वारा उत्तराखंड राज्य के सांस्कृतिक धरोहरों का सूचीकरण किया जाता है।
    • 1 जून 2002 को वीरचंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की शुरूआत की गयी थी, जिसमें ₹ 40 लाख का ऋण पर्यटन विभाग द्वारा बैंकों के माध्यम से दिया जाता है।
    • उत्तराखंड के देहरादूनअल्मोड़ा जिलों में राष्ट्रीय स्तर के कला एवं पर्यटन मेलों का आयोजन किया जाता है।
    • मसूरी (देहरादून) में इको पार्क व रिसोर्ट (Eco Park & Resort)  का निर्माण किया जा रहा है।
    • उत्तरकाशी (Uttarkashi) में स्की रिसोर्ट (Ski resort) का निर्माण किया जा रहा है।
    • (रामनगर) नैनीताल में सेंटर फॉर इको टूरिज्म एण्ड सस्टेनेबल लिवलीहुड (Center for Eco Tourism and Sustainable Livelihood) की स्थापना की जा रही है।
    • उत्तराखंड के माणा ग्राम (चमोली) को पर्यटन ग्रामों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
    •  देहरादून के सर्वे ऑफ इण्डिया परिसर में पार्क ऑफ द ग्रेट ऑर्क (Park of the great arch) को विकसित किया जा रहा है

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