गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)

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गोपाल कृष्ण गोखले (Gopal Krishna Gokhale)

  • जन्म – 9 मई 1866, बॉम्बे प्रेसीडेंसी
  • निधन – 19 फरवरी 1915, मुंबई
  • पुस्तकें – गोपाल कृष्ण गोखले के भाषण और लेखन, गोपाल कृष्ण गोखले: भाषण और लेखन का चयन करें
  • शिक्षा – एल्फिंस्टन कॉलेज (1884), राजाराम कॉलेज (कोल्हापुर )
  • माता-पिता – वलूबाई गोखले, कृष्ण राव गोखले

प्रमुख बिंदु 

गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म 9 मई 1866 को कोटालुक गाँव (महाराष्ट्र) के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। यह एक समाज सुधारक और शिक्षाविद् थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक अनुकरणीय नेतृत्व प्रदान किया था।

विचारधारा (Ideology)

  • गोखले कृष्ण गोखले द्वारा सामाजिक सशक्तिकरण, शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया।
  • उन्होंने भारत में तीन दशकों तक स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष किया तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के क्रांतिकारी तरीकों का विरोध किया।

औपनिवेशिक विधानसभाओं में भूमिका 

  • वह वर्ष 1899 से 1902 के मध्य, बॉम्बे लेजिस्लेटिव काउंसिल (Bombay Legislative Council) के सदस्य थे और वर्ष 1902 से 1915 (अपनी मृत्यु) तक उन्होंने इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल (Imperial Legislative Council from) में कार्य किया था।
  • वर्ष 1909 के मोर्ले-मिंटो सुधारों (Morley-Minto reforms) को तैयार करने में गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा  महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी थी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)

  • वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress – INC) के नरम दल से जुड़े थे।
  • वर्ष 1905 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के बनारस अधिवेशन में उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
  • यह वह समय था जब लाला लाजपत राय और बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में गरम दलनरम दल के मध्य मतभेद उत्पन्न हो गए थे। तथा वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में दोनों दल अलग हो गए। डॉ. रास बिहारी घोष को इस अधिवेशन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
  • वैचारिक मतभेद के बावजूद वर्ष 1907 में गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा लाला लाजपत राय की रिहाई के लिए अभियान चलाया, क्योंकि इसी वर्ष उन्हें मांडले जेल (म्यांमार) में अंग्रेजों द्वारा कैद कर दिया गया था।

गोपाल कृष्ण गोखले से संबंधित सोसायटी और उनके प्रमुख कार्य 

  • वर्ष 1905 में उन्होंने भारतीय में शिक्षा के विस्तार के लिए सर्वेंट्स ऑफ़ इंडिया सोसाइटी (Servants of India Society) की स्थापना की।
  • वह गोविंद रानाडे द्वारा शुरू की गई सर्वजन सर्व पत्रिका से भी जुड़े हुए थे।
  • वर्ष 1908 में गोखले कृष्ण गोखले द्वारा रानाडे इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स (Ranade Institute of Economics) की स्थापना की गयी।
  • उनके द्वारा अंग्रेजी भाषा के साप्ताहिक समाचार पत्र, द हितवाद (The people’s paper) का संपादन शुरू किया गया।

महात्मा गांधी के गुरु

  • गोपाल कृष्ण गोखले एक उदार राष्ट्रवादी नेता थे तथा, उन्हें महात्मा गांधी द्वारा अपने राजनीतिक गुरु के रूप में माना जाता है।
  • महात्मा गांधी द्वारा गुजराती भाषा में एक पुस्तक ‘धर्मात्मा गोखले (Dharmatma Gokhale)’ लिखी गयी  थी।

Source – PIB

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