CTET September 2016 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

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परीक्षा (Exam) – CTET Paper I Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) –  Part – IV (Hindi Language)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) – September 2016 (Morning Shift)


निर्देश (प्र.सं. 91 से 99) : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को धुनिए।

लघु उद्योग उन उद्योगों को कहा जाता है जिनके समारम्भ एवं आयोजन के लिए भारी-भरकम साधनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे थोड़े-से स्थान पर, थोड़ी पूंजी और अल्प साधनों से ही आरम्भ किए जा सकते हैं। फिर
भी उनसे सुनियोजित ढंग से अधिकाधिक लाभ पाप्त करके देश की निधनता, गरीबी और विषमताओं से एक सीमा तक लडा जा सकता है। आकार प्रकार तथा साधनों की लघुता व अल्पता के कारण ही इस प्रक के उद्योग-धंधों को कुटीर उद्योग भी कहा जाता है। इस प्रकार के उद्योग अपन घर में भी आरंभ किए जा सकते हैं और अपने सीमित साधना का सदुपयोग करके आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है और सुखी-समृद्ध बना जा सकता है। भारत जैसे देश के लिए तो इस प्रकार के लघु उद्योगों का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या बेरोजगार है। इसी कारण महात्मा गांधी ने मशीनीकरण का विरोध किया था। उनकी यह स्पष्ट धारणा थी कि लघु उद्योगों को प्रश्रय देने से लोग स्वावलम्बी बनेंगे, मजदूर किसान फसलों की बुआई-कटाई से फुर्सत पाकर अपने खाली समय का सदुपयोग भी करेंगे। इस प्रकार आर्थिक समृद्धि तो बढ़ेगी ही, साथ ही लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिल सकेगा।

91. उन उद्योगों को लघु उद्योग कहा जाता है :
A. जो कम साधनों से शुरू किए जा सकते हैं
B. जिन्हें निर्धन व्यक्ति आयोजित करते हैं
C. जिन्हें अल्प लाभ मिलता है
D. जो अल्प अवधि तक चलते हैं

92. ‘मशीनीकरण’ से तात्पर्य है :
A. मशीनों की अधिकाधिक खरीद
B. मशीनों का अधिकाधिक उपयोग
C. मशीनों का अधिकाधिक निर्माण
D. मशीनों की अधिकाधिक उपलब्धता

93. लघु उद्योगों को प्रश्रय देने के संदर्भ में गांधीजी की क्या धारणा थी?
A. समय का सदुपयोग किया जा सके ।
B. किसानों को बुआई-कटाई से फुर्सत मिल सके
C. मशीनीकरण का विरोध किया जा सके।
D. लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके

94. भारत जैसे देश के लिए लघु उद्योग-धंधों का महत्व क्यों बढ़ जाता है?
A. क्योंकि यहाँ बहुत-से लोगों को काम की जरूरत है
B. क्योंकि यहाँ मशीनों की उपलब्धता बहुत कम है।
C. क्योंकि यहाँ युवा वर्ग को मशीनों पर काम करना नहीं आता
D. क्योंकि यहाँ कम पूंजी वाले लोग अधिक संख्या में हैं

95. ‘विषमता’ का विपरीतार्थी है:
A. प्रतिकूलता
B. सामान्यतः
C. समानता
D. असमानता

96. ‘समृद्ध’ शब्द में भाव है:
A. धनी होने का
B. समर्थ होने का
C. रोजगार पाने का
D. खुशहाल होने का

97. ‘अल्पता’ शब्द है:
A. तद्भव
B. तत्सम
C. देशज
D. विदेशी

98: कौन-सा शब्द-युग्म शेष से भिन्न है?
A. दिन-रात
B. भारी-भरकम
C. पशु-पक्षी
D. माता-पिता

99, गद्यांश के अनुसार ‘प्रश्रय’ शब्द का भाव है:
A. संरक्षण देना
B. नियुक्ति करना
C. अनुमोदन करना
D. स्वीकृति देना

निर्देश (प्र.सं. 100 से 114) : नीचे दिए गए प्रश्नों के सही सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

100. पूरी पाठ्यचर्या में ………… में भाषा की भूमिका को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
A. आकलन-निर्माण
B. मूल्य-निर्धारण
C. ज्ञान-निर्माण
D. व्याकरण-निर्माण

101. प्राथमिक कक्षाओं के भाषा-शिक्षक होने के नाते आपकी सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है:
A. कक्षा में पाठ्य-पुस्तक का सही तरह से निर्वाह करना
B. बच्चों की भाषाई क्षमता के विकास के लिए तरह-तरह के अवसर जुटाना
C. बच्चों को वाद-विवाद के लिए तैयार करना
D. विद्यार्थियों को सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए तैयार करना

102. दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला रोहित हिन्दी की कक्षा में अपनी मातृभाषा में बात करता है। आप क्या करेंगे? ,
A. उसे बिल्कुल अनदेखा कर पढ़ाते रहेंगे
B. उसकी भाषा को समझने की कोशिश करेंगे ।
C. बाकी बच्चों से उसकी भाषा सीखने के लिए कहेंगे
D. उसे डाँटेंगे कि वह कक्षा में मातृभाषा का प्रयोग न करे।

103. ‘पढ़ना सीखने के लिए कौन-सा उपकौशल अनिवार्य नहीं है?
A. भाषा की संरचना की समझ
B. भावनात्मक संबंध
C. वर्णमाला याद करने का कौशल
D. अनुमान लगाने का कौशल

104. द्विभाषिक बच्चे …. विकास, सामाजिक सहिष्णुता और चिंतन में अपेक्षाकृत बेहतर होते हैं।
A. संक्रियात्मक, केंद्रित
B. संज्ञानात्मक, सीमित
C. संज्ञानात्मक, विस्तृत
D. संक्रियात्मक, सीमित

105. निम्नलिखित में से किसके अभाव में हम पढ़ नहीं सकते?
A. संयुक्ताक्षरों की पहचान
B. लिपि से परिचय
C. बारहखड़ी से परिचय
D. वर्णमाला की क्रमबद्धता का ज्ञान


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