CTET September 2015 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

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परीक्षा (Exam) – CTET Paper I Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) –  Part – IV (Hindi Language)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) –  September 2015 (Morning Shift)


निर्देश (प्र.सं. 91 से 120): नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।

स्थूल एवं बाह्य पदार्थ सूक्ष्म एवं मानसिक पदार्थों एवं भावों की अपेक्षा अधिक महत्व के विषय नहीं हैं। जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ है, उसे भौतिक स्थूल लाभ अथवा प्रलोभन न तो लभाते हैं और न ही प्रोत्साहित करते हैं।

विश्व में विचारक दस में से एक ही व्यक्ति होता है। उसमें भौतिक महत्वाकांक्षाएँ अत्यल्प होती हैं। ‘पूँजी’ का रचयिता र जीवनभर निर्धनता से जूझता रहा। राज्याधिकारियों ने सुक डाला, पर वह जीवन के अंतिम क्षणों में भी शांत था, क्योंकि वह अपने जीवन के लक्ष्य को भली-भांति निर्वाह कर चुका था। पुरस्कृत किया जाता, प्रतिष्ठा के अंबारों से लाद दिया जाता, परन्तु अपना काम न करने दिया जाता तो निश्चय ही वह अनुभव करता कि उसे कठोर रूप से दंडित किया गया है। ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब हमें बाहरी सुख-सुविधाएँ आकर्षित करती हैं, वे अच्छे जीवन के लिए अनिवार्य लगने लगती हैं किंतु महत्वपूर्ण यह है कि क्या हमने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर लिया? यदि इसका उत्तर ‘हाँ’ है तो बाह्य वस्तुओं का अभाव नहीं खलेगा और यदि ‘नहीं’ है तो हमें अपने को भटकने से बचाना होगा और लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा।

91. मनुष्य को बाहरी सुख क्यों लुभाते हैं?
A. सम्पन्नता के लिए
B. भरे-पूरे जीवन के लिए
C. अच्छे जीवन के लिए
D. आराम के लिए

92. “जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ हैं…” वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर कौन-सा शब्द प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है? . A. क्षमतावान
B. सक्षम
C. शक्तिशाली
D. सामर्थ्यवान

93. ‘प्रतिष्ठा के अंबारों से लाद दिया जाता’-रेखांकित का तात्पर्य
A. ढेर से
B. आभार से
C. कृतज्ञता से
D. भार से

94. “भली भाँति निर्वाह कर चुका था।” उपर्युक्त वाक्यांश में क्रिया-विशेषण है:
A. भली भांति
B. निर्वाह
C. कर चुका
D. भली

95. ‘महत्त्वाकांक्षा’ किन शब्दों से मिलकर बना है?
A. महत्त्व + आकांक्षा
B. महत्व + आकांक्षा
C. महत्त्वा + कांक्षा
D. महत् + आकांक्षा

96. भौतिक लाभ किन्हें नहीं लुभाते?
A. सामर्थ्यवान लोगों को
B. जीवन का लक्ष्य पूरा करने वालों को
C. रचनात्मक कार्य करने वालों को
D. धन-संपन्न लोगों को

97. ‘पूँजी’ का रचयिता कार्ल मार्क्स कथन से संकेत मिलता है कि ‘पूंजी’ का अर्थ है:
A. एक विचार
B. एक ग्रंथ
C. विरासत
D. धन-संपत्ति

98. विचारकों की एक विशेषता यह है कि उनमें :
A. भौतिक महत्त्वाकांक्षाएँ कम होती हैं।
B. पद-प्रतिष्ठा प्राप्त करने की इच्छा होती है।
C. रचनात्मक कार्य करने की क्षमता होती है।
D. महत्त्वाकांक्षाएँ नहीं होती।

99. सुकरात को अपना काम न करने देने की स्थिति कठोर दंड जैसी प्रतीत होती है क्योंकि :
A. वह जीवन के कार्य समाप्त कर चुका था।
B. वह स्थूल प्रलोभनों की अपेक्षा नहीं करता था।
C. उसे जीवन का उद्देश्य प्राप्त करने से रोक दिया गया होता।
D. वह अन्तिम क्षणों में भी शान्त था।

निर्देश (प्र.सं. 100 से 105): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए।

रोना और मचल जाना भी क्या आनंद दिखाते थे।
बड़े-बड़े मोती-से आँसू, जयमाला पहनाते थे।
मैं रोई, माँ काम छोड़कर आई, मुझको उठा लिया।
झाड़-पोंछकर चूम-चूम गीले गालों को सुखा दिया।
आ जा बचपन। एक बार फिर दे-दे अपनी निर्मल शांति।
व्याकुल व्यथा मिटाने बाली, वह अपनी प्राकृत विश्रांति।
वह भोली-सी मधुर सरलता, वह प्यारा जीवन निष्पाप।
फिर आकर मिटा सकेगा तू मेरे मन का संताप?
मैं बचपन को बुला रही थी, बोल उठी बिटिया मेरी।
नंदन-वन-सी फूल उठी, यह छोटी-सी कुटिया मेरी।

100. ‘बचपन’ शब्द है:
A. विशेषण
B. क्रिया-विशेषण
C. सर्वनाम
D. संज्ञा

101. ‘नंदन-वन-सी फूल उठी, यह छोटी-सी कुटिया मेरी’ का भाव है :
A. कुटिया सुंदर हो गई ।
B. कुटिया में आनंद उमड़ उठा
C. कुटिया में शांति छा गई
D. छोटी कुटिया बड़ी हो गई

102. ‘मिटा सकेगा तू मेरे मन का संताप?’ उक्त पंक्ति में ‘तू’ किसे कहा गया है?
A. बचपन को
B. कवि को
C. पाठक को
D. बच्चे को

103. कवयित्री अपने बचपन को क्यों बुलाना चाहती हैं?
A. अपनी बिटिया की याद में
B. बचपन के आनंद की याद में,
C. बचपन के खेलों की याद में
D. अपनी माँ की याद में

104. बच्चे की आँखों से निकलते आँसुओं को देखकर क्या अनुभूति होती है?
A. सुख की
B. विजय की
C. प्यार की
D. कष्ट की

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