CTET November 2012 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

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परीक्षा (Exam) – CTET Paper I Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) –  Part – IV (Hindi Language)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) –  November 2012


निर्देश : निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए।

91. भाषा-अर्जन में महत्त्वपूर्ण है।
A. भाषा का व्याकरण
B. पाठ्य-पुस्तक
C. भाषा का शिक्षक
D. भाषा के विभिन्न रूपों का प्रयोग

92. पत्र-पत्रिकाएँ भाषा सीखने में
A. बड़ों के पढ़ने की वस्तु हैं
B. साधक हैं
C. बाधक हैं.
D. त्रुटियों को बढ़ावा देती हैं

93. भाषा स्वयं में
A एक विषय मात्र है
B. संप्रेषण का एकमात्र साधन है
C. एक नियमबद्ध व्यवस्था है
D. एक जटिल चुनौती है..

94. भाषा का प्रयोग
A. केवल परीक्षा में होता है
B. केवल पाठ्य-पुस्तक में होता है
C. केवल मुद्रित सामग्री में होता है .
D. जीवन के विभिन्न संदर्भो में होता है

95. बच्चों की भाषा-संबंधी क्रमिक प्रगति का लेखा-जोखा रखना …….. …… से सम्भव है।
A. उत्तर-पुस्तिकाओं
B. लिखित परीक्षा
C. मौखिक परीक्षा
D. पोर्टफोलियो

96. भाषा की पाठ्य-पुस्तकें
A. अभ्यासपरक ही होनी चाहिए
B. साधन हैं
C. साध्य हैं .
D. भाषा सीखने का एकमात्र संसाधन हैं

97. बच्चों की भाषा के आकलन का सर्वाधिक प्रभावी तरीका है
A. प्रश्न पूछना और पढ़ी गई सामग्री पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना
B. श्रुतलेख
C. लिखित परीक्षा
D. प्रश्नों के उत्तर देना ।

98. बहुभाषिक एवं बहुसांस्कृतिक कक्षा में
A. बच्चों को केवल मानक भाषा के प्रयोग के लिए ही पुरस्कृत करना चाहिए
B. बच्चों की मातृभाषा का ही सदैव प्रयोग किया जाना चाहिए
C. बच्चों की मातृभाषा का प्रयोग वर्जित होना चाहिए
D. बच्चों की मातृभाषा को समुचित सम्मान, स्थान देते हुए मानक भाषा से भी परिचय कराना चाहिए

99. निम्नलिखित में से कौन-सा भाषा-शिक्षण का उद्देश्य है?
A. भाषा की बारीकी और सौंदर्यबोध को सही रूप में समझने की क्षमता को हतोत्साहित करना
B. भाषा के व्याकरण सीखने पर बल देना
C. निजी अनुभवों के आधार पर भाषा का सजनशील प्रयोग करना
D. भाषा सीखते समय त्रुटियाँ बिल्कुल न करना ।

100. भाषा के व्याकरण की समझ को
A. निबंधात्मक प्रश्नों के माध्यम से आँका जाना चाहिए
B. संदर्भपरक प्रश्नों के माध्यम से आँका जाना चाहिए
C. केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के माध्यम से आँका जाना चाहिए
D. केवल लघूत्तर प्रश्नों के माध्यम से आँका जाना चाहिए

101. प्रश्न पूछना, प्रतिक्रिया व्यक्त करना, परिचर्चा में भाग लेना, वर्णन
A. भाषा सीखने-सिखाने तथा आकलन के तरीके है
B. केवल शिक्षण-पद्धति हैं
C. केवल साहित्यिक गतिविधियाँ हैं
D. भाषा-आकलन के तरीके मात्र हैं

102. एक भाषा-शिक्षक के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है
A. भाषा की त्रुटियों के प्रति कठोर रवैया अपनाना
B. भाषा की पाठ्य-पुस्तक
C. भाषा का आकलन
D. बच्चों को भाषा-प्रयोग के अवसर उपलब्ध कराना

103. भाषा सीखने-सिखाने का उद्देश्य है
A. विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना
B. अपनी बात कहना सीखना
C. दूसरों की बात समझना सीखना
D. अपनी बात की पुष्टि के लिए तर्क देना

104. भाषा की कक्षा में एक शिक्षक बच्चों से क्या अपेक्षा करता है?
A. बच्चे सवालों के बँधे-बँधाए जवाब न दें
B. बच्चे सवालों के बँधे-बँधाए जवाब दें
C. संस्कृतनिष्ठ भाषा में ही जवाब दें
D. बच्चे अपनी मातृभाषा का बिल्कुल भी प्रयोग न करें

105. बच्चे अपने परिवेश से स्वयं भाषा अर्जित करते हैं। इसका एक निहितार्थ यह है कि
A. बच्चों को बिल्कुल भी भाषा न पढ़ाई जाए
B. बच्चों को समृद्ध भाषिक परिवेश उपलब्ध कराया जाए।
C. बच्चों को केवल लक्ष्य भाषा का ही परिवेश उपलब्ध कराया जाए
D. बच्चों को अत्यंत सरल भाषा का परिवेश उपलब्ध कराया जाए

निर्देश (प्र. सं. 106 से 114) : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

मुझे मालूम नहीं था कि भारत में ‘तिलोनिया’ नाम की भी कोई जगह है जहाँ हमारे देश के समसामयिक इतिहास का एक विस्मयकारी पन्ना लिखा जा रहा है। उस वक्त तक तिलोनिया के बारे में मुझे इतनी ही जानकारी थी कि वहाँ पर एक स्वावलंबी विकास केंद्र चल रहा है, जिसे स्थानीय ग्रामवासी, स्त्री-पुरुष मिलजुलकर चला रहे हैं। मुझे वहाँ जाने का अवसर मिला। बस्ती क्या थी, कुछ पुराने और कुछ नए छोटे-छोटे घरों का झुरमुट थी। वहाँ एक सज्जन ने बताया कि एक सुशिक्षित तथा उसके दो साथियों टाइपिस्ट तथा फोटोग्राफर ने मिलकर 1972 में इस संस्थान की स्थापना की दी। संस्थान का नाम था – सामाजिक कार्य तथा शोध संस्थान (एस.डब्ल्यू. आर.सी.)।

मेरे मन में संशय उठने लगे थे। आज के जमाने में वैज्ञानिक उपकरणों और जानकारी के बल पर ही तरक्की की जा सकती है। उससे कटकर और अवहेलना करते हुए नहीं की जा सकती। एक पिछड़े हुए गाँव के लोग अपनी मस्याएँ स्वयं सुलझा लेंगे, यह नामुमकिन था। वह सज्जन कहे जा रहे थे हमारे गाँव आज नहीं बसे हैं। इन गाँवों में शताब्दियों से हमारे पूर्वज रहते जा रहे हैं। पहले जमाने में भी हमारे लोग अपनी सूझ और पहलकदमी के ” पर ही अपनी दिक्कतें सुलझाते रहे होंगे। जरूरत इस बात की है कि तिाब्दियों की इस परंपरागत जानकारी को नष्ट न होने दें। उसका कर।” फिर मुझे समझाते हुए बोले “हम बाहर की जानकारी से भी लाभ उठाते हैं, पर मूलतः स्वावलंबी बनना चाहते हैं, स्वावलंबी, मर।” मुझे बार-बार गाँधीजी के कथन याद आ रहे थे। मैंने गाँधीजी किया तो वह बड़े उत्साह से बोले – “आपने ठीक ही कहा है। यह संस्थान गाँधीजी की मान्यताओं के अनुरूप ही चलता है – सादापन, कर्मठता, अनुशासन, सहभागिता । यहाँ सभी निर्णय मिल-बैठकर किए जाते हैं। आत्मनिर्भरता…।” आत्मनिर्भरता से मतलब कि ग्रामवासियों की छिपी क्षमताओं को काम में लाया जाए और गाँधीजी के अनुसार, ग्रामवासी अपनी अधिकांश बुनियादी जरूरत की वस्तुओं का उत्पादन स्वयं करें….।

(एक तीर्थ यात्रा, स्रोत : भीष्म साहनी)

106. सामाजिक कार्य तथा शोध-संस्थान की स्थापना का उद्देश्य था
A. उन्हें प्राचीन परंपराओं से परिचित कराना
B. ग्रामवासियों को देश-विदेश की जानकारी प्रदान करना
C. उन्हें केवल अनुशासित करना
D. उन्हें स्वावलंबी, आत्मनिर्भर बनाना ।

107. लेखक का मानना था
A. आधुनिक समय में वैज्ञानिक उपकरणों और जानकारी से कटकर या उसकी अवहेलना करके तरक्की नहीं की जा सकती है
B. आधुनिक समय में वैज्ञानिक उपकरणों और जानकारी के बल पर ही तरक्की नहीं की जा सकती है
C. ग्रामवासी अपनी समस्याएँ स्वयं सुलझा सकते हैं
D. ग्रामवासियों को अपनी समस्याएँ स्वयं सुलझाने की आदत है

108. संस्थान के निर्णय और संचालन में आधारभूत भूमिका इनमें से किसकी है?
A. गाँव-प्रधान की
B. संस्थापक की
C. केवल गरीब और दलित महिलाओं की
D. उस गाँव में रहने वाले सभी लोगों की

109. ‘आत्म’ उपसर्ग किस शब्द में नहीं है?
A. परमात्मा
B. आत्मनिर्भर
C. आत्मसम्मान
D. आत्मीय

110. लेखक के अनुसार तिलोनिया’ गाँव में हमारे देश के आजकल के___इतिहास का विस्मयकारी पन्ना लिखा जा रहा है” इसका कारण है
A. केन्द्र में इतिहास पर विस्मयकारी शोध किया जा रहा है
B. ‘तिलोनिया’ गाँव पिछड़े गाँव के रूप में जाना जाता है
C. वहाँ एक स्वावलंबी विकास केंद्र चल रहा है
D. वहाँ के लोग अनुदान पर आश्रित हैं

111. ‘शताब्दी’ ………….. समास का उदाहरण है।
A. अव्ययीभाव
B. बहुव्रीहि
C. द्विगु
D. तत्पुरुष

112. गाँधीजी …………. को मान्यता नहीं देते हैं।
A. सादापन
B. आत्मनिर्भरता
C. कर्मठता
D. अकर्मण्यता

113. निम्नलिखित में से संज्ञा का उदाहरण नहीं है
A. अनुशासित
B. आत्मनिर्भरता
C. स्वावलंब
D. अनुशासन

114. ‘उपयोगी’ शब्द का विलोम है
A. उपयोगिता
B. अउपयोगी
C. अनुपयोगी
D. अनपयोगी

निर्देश (प्र.सं. 115 से 120) : कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्ना सबसे उचित विकल्प चुनिए।

सुनता हूँ मैंने भी देखा,
काले बादल में रहती चाँदी की रेखा।
काले बादल जाति-द्वेष के,
काले बादल विश्व-क्लेश के,
काले बादल उठते पथ पर नवस्वतंत्रता के प्रवेश के! सुनता आया हूँ, है देखा।
काले बादल में हँसती चाँदी की रेखा!
(चाँदी की रेखा, सुमित्रानंदन पंत)

115. “काले बादल में रहती चाँदी की रेखा।” पंक्ति का भाव है
A अँधेरे के बाद प्रकाश आता है
B. काले बादलों में चाँदी की रेखा है
C. विपत्तियों के बीच आशा की किरण दिखाई देती है
D. बादलों के टकराने से बिजली चमकती है

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