CTET January 2012 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

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निर्देश (प्र.सं. 106 से 114 तक): गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

समस्याओं का हल ढूँढ़ने की क्षमता पर एक अध्ययन किया गया। इसमें – भारत में तीन तरह के बच्चों के बीच तुलना की गई-एक तरफ वे बच्चे जो । दुकानदारी करते हैं पर स्कूल नहीं जाते, ऐसे बच्चे जो दुकान संभालते हैं और स्कूल भी जाते हैं और तीसरा समूह उन बच्चों का था जो स्कूल जाते थे पर दुकान पर कोई मदद नहीं करते।

उनसे गणना के व इबारती सवाल पूछे गए। दोनों ही तरह के सवालों में उन स्कूली बच्चों ने जो दुकानदार नहीं हैं, मौखिक गणना या मनगणित का प्रयोग बहुत कम किया, बनिस्बत उनके जो दुकानदार थे। स्कूली बच्चों ने ऐसी गलतियाँ भी की, जिनका कारण नहीं समझा जा सका। इससे यह साबित होता है कि दुकानदारी से जुड़े हुए बच्चे हिसाब लगाने में गलती नहीं कर सकते क्योंकि इसका सीधा असर उनके काम पर पड़ता है, जबकि स्कूलों के बच्चे वही हिसाब लगाने में अक्सर भयंकर गलतियाँ कर देते हैं।

इससे यह स्पष्ट होता है कि जिन बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में इस तरह के सवालों से जूझना पड़ता है, वे अपने लिए जरूरी गणितीय क्षमता हासिल कर लेते हैं।

लेकिन साथ ही इस बात पर भी गौर करना महत्त्वपूर्ण है कि इस तरह की दक्षताएँ एक स्तर तक और एक कार्य-क्षेत्र तक सीमित होकर रह जाती हैं। इसलिए वे सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश जो कि ज्ञान को बनाने व बार में मदद करते हैं, वही उस ज्ञान को संकुचित और सीमित भी कर सकते है।

106. समस्याओं का हल खोजने पर आधारित अध्ययन किस विषय से जा हुआ था?
A.दिकानदारी
B. सामाजिक विज्ञान
C. गणित
D. भाषा

107. किन बच्चों ने सवाल हल करने में मौखिक गणना का ज्यादा प्रयोग किया?
A जो दुकानकारी करते हैं
B. जो सिर्फ स्कूल जाते हैं
C. जो बच्चे न तो दुकानदारी करते हैं और न ही स्कूल जाते हैं
D. जो स्कूली बच्चे दुकानदारी नहीं करते

108. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि
A. बच्चों को गणित सीखने के लिए दुकानदारी करनी चाहिए
B. बच्चे रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली दक्षताओं को स्वतः ही हासिल कर लेते हैं।
C. सिर्फ दुकानदार बच्चे ही गणित सीख सकते हैं
D. बच्चों को गणित सीखना चाहिए.

109. दुकानदार बच्चे हिसाब लगाने में प्रायः गलती नहीं करते क्योंकि
A. वे जन्म से ही बहुत ही दक्ष हैं
B. वे कभी भी गलती नहीं करते
C. गलती का असर उनके काम पर पड़ता है
D. इससे उन्हें माता-पिता से डाँट पड़ेगी

110. जो दक्षताएँ हमारे दैनिक जीवन में काम नहीं आतीं उनमें हमारा प्रदर्शन अक्सर
A. अच्छा होता है
B. खराब-अच्छा होता रहता है
C. संतोषजनक होता है
D. खराब होता है

111. अनुच्छेद के आधार पर बताइए कि सामजिक व सांस्कृतिक परिवेश ज्ञान को
A. संकुचित कर सकता है ।
B. सीमित कर सकता है
C. बनाने में मदद भी करता है और उसे संकुचित, सीमित भी कर सकता है
D. बनाने में मदद करता है।

112. ‘इक’ प्रत्यय का उदाहरण है
A. संकुचित
B. सांस्कृतिक
C. चूंकि
D. सीमित

113. ‘मनगणित’ का अर्थ है
A. मन-ही-मन हिसाब लगाना
B. कठिन गणित
C. मनगढंत गणित
D. मनपसंद गणित

114. संयुक्त क्रिया का उदाहरण है
A. अध्ययन किया गया
B. दुकान सँभालते है।
C. हिसाब लगाते हैं
D. स्कूल जाते हैं

निर्देश (प्र.सं. 115 से 120 तक): कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए।

हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार।
बचपन, कोमल तन-मन लेकर,
आए अनुपम जीवन लेकर,
जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार,
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
वृंद-लताएँ, पौधे, डाली
चारों ओर भरे हरियाली
मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार,
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार,
मुश्किल से मिलता है जीवन,
हम सब इसे बनाएँ चंदन
पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार
हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार

115. ‘हरा-भरा जीवन’ का अर्थ है
A खुशियों से परिपूर्ण जीवन
B. पेड़-पौधों से घिरा जीवन
C. हरे रंगों से भरा जीवन
D. हरियाली-युक्त जीवन

116. कौन-सी चीजें बहार लेकर आती हैं?
A. पेड़ों की हवा
B. नदियों की आवाज
C. पहाड़ों की चोटियाँ
D. समस्त प्राकृतिक उपादान

117. कवि ने सृष्टि का उपहार किसे कहा है?
A. पौधे व डालियाँ
B. वृंद-लताएँ
C. हरा-भरा जीवन
D. प्राकृतिक सुंदरता और उससे उत्पन्न होने वाली खुशी

118. कवि यह संदेश देना चाहता है कि
A. चंदन के पेड़ लगाने चाहिए
B. जीवन में सब बेकार है
C. पर्यावरण-संरक्षण में ही जीवन संभव है
D. प्रकृति में पेड़-पौधे, नदियाँ, पर्वत शामिल हैं

119. ‘जग से तुम और तुम से है ये प्यारा संसार’ पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि
A. संसार का अस्तित्व व्यक्तियों से स्वतंत्र है
B. व्यक्ति और संसार-दोनों का अस्तित्व एक-दूसरे पर निर्भर करता है
C. संसार चलाने के लिए व्यक्तियों की आवश्यकता होती है
D. व्यक्ति का अस्तित्व संसार से स्वतंत्र है

120. ‘अनुपम’ से अभिप्राय है
A. जिसकी उपमा न दी जा सके ।
B. सुखद
C. आनंदमय
D. मनोहारी

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