CTET January 2012 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

53 mins read

परीक्षा (Exam) – CTET Paper I Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) –  Part – IV (Hindi Language)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) –  January 2012


निर्देशः निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए सबसे उचित विकल्प चुनिए।

91. मंदिरा पहली कक्षा में पढ़ती है और वह ‘मुझे आम बहुत अच्छा लगता है। मैं थक गई। आदि वाक्यों का प्रयोग करती है। मंदिरा
A. लिंग, वचन, क्रिया आदि की दृष्टि से सर्वनाम का प्रयोग करना जानती है
B. केवल सर्वनाम का ही प्रयोग जानती है
C. केवल लिंग की दृष्टि से ही सर्वनाम का समुचित प्रयोग करना जानती है
D. केवल ‘मैं’ वाले वाक्य ही बोल सकती है

92. भाषा
A नियमों की जानकारी से ही निखरती है
B. विद्यालय में ही सीखी जाती है
C. एक नियमबद्ध व्यवस्था है
D. सदैव व्याकरण के नियमों का ही अनुगमन करती है

93. भाषा की पाठ्य-पुस्तक का निर्माण करते समय सबसे कम महत्त्वपूर्ण बिन्दु है
A भाषा की विभिन्न छटाएँ
B. अभ्यासों में वैविध्य
C. पाठों की संख्या
D. विषय-वस्तु में वैविध्य

94. एक से अधिक भाषाओं का प्रयोग
A किसी भी एक भाषा में निपुणता में बाधक है
B. कक्षायी जटिलताओं को बढ़ाता है
C. शिक्षकों के लिए गहन समस्या है।
D. संज्ञानात्मक विकास में सहायक है

95. भाषा-अर्जन और भाषा-अधिगम के संदर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं है?
A. सांस्कृतिक विभिन्नता भाषा-अर्जन और भाषा अधिगम को प्रभावित करने वाला महत्त्वपूर्ण कारक है.
B. भाषा-अर्जन में विभिन्न संकल्पनाएँ मातृभाषा में बनती हैं
C. भाषा-अधिगम में कभी भी अनुवाद का सहारा नहीं लिया जाता
D. भाषा-अर्जन सहज और स्वाभाविक होता है जबकि भाषा-अधिगम प्रयासपूर्ण होता है

96. एक बहुभाषिक कक्षा में आप किसे सबसे कम महत्त्व देंगे?
A. बच्चों को सिखाना कि दो भाषाओं के मध्य विद्यमान समानता व अंतर का विश्लेषण कैसे किया जाता है
B. विभिन्न प्रकार का बाल साहित्य
C. कक्षा में विभिन्न प्रकार की सामग्री से समृद्ध वातावरण
D. कक्षा के बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संदर्भो के प्रति संवेदनशीलता

97. प्राथमिक स्तर पर भाषा की पाठ्य-पुस्तकों में किस तरह की रचनाओं को स्थान दिया जाना चाहिए?
A.. केवल कहानियाँ अथवा कविताएँ
B. विदेशी साहित्य की रचनाएँ
C. ऐसी रचनाएँ जो बच्चों के परिवेश से जुड़ी हों और जिनमें भाषा की अलग-अलग छटाएँ हों
D. जो प्रत्यक्ष रूप से मूल्यों पर आधारित हो

98. निम्नलिखित में से कौन-सा द्वितीय भाषा-शिक्षण का उद्देश्य नहीं है?
A. बोलने की क्षमता के अनुरूप लिखने की क्षमता का विकास
B.. विभिन्न क्षेत्रों, स्थितियों में हिंदी की विभिन्न प्रयुक्तियों को समझने की योग्यता का विकास
C. हिंदी के व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करना
D. दैनिक जीवन में हिंदी में समझने तथा बोलने की क्षमता का विकास

99. हिंदी भाषा का मूल्यांकन करते समय आप सबसे ज्यादा किसे महत्त्व देंगे?
A. व्याकरणिक नियम
B. सीखने की क्षमता का आकलन
C. काव्य-सौंदर्य
D. निबंध लिखने की योग्यता

100. निम्नलिखित में से कौन-सा बच्चों की भाषिक क्षमता के आकलन का सबसे उचित तरीका है?
A. संज्ञा शब्दों के दो उदाहरण दीजिए
B. ‘बादल’, ‘आसमान’, ‘चिड़िया’, ‘बच्चे’ आदि संज्ञा शब्दों का प्रयोग करते हुए एक कहानी लिखिए
C. संज्ञा की परिभाषा को पूरा कीजिए
D. संज्ञा को परिभाषित कीजिए

101. बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने के लिए सबसे कम प्रभावी तरीका कौन-सा है?
A. संवाद-अदायगी
B. व्याकरण-आधारित संरचना-अभ्यास
C. अपने अनुभवों का वर्णन
D. बातचीत करना

102. भाषा सीखने के लिए कौन-सा कारक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है?
A. समृद्ध भाषिक वातावरण
B. भाषा के व्याकरणिक नियम
C. पाठ पर आधारित प्रश्नोत्तर
D. भाषा की पाठ्य-पुस्तक

103. दृष्टिबाधित बच्चों को भाषा सिखाते समय- .
A. अधिक-से-अधिक मौखिक भाषा का प्रयोग करना चाहिए
B. उन्हें कक्षा में अलग बैठाना चाहिए ताकि उन पर विशेष ध्यान दिया जा सके
C. उन्हें विभिन्न भाषिक गतिविधियों में शामिल नहीं करना चाहिए
D. कम पाठों वाली पाठ्य-पुस्तक का निर्माण किया जाना चाहिए

104. बहुभाषिकता
A. भाषा सिखाने में बहुत बड़ी बाधा है.
B. भाषायी समृद्धि को खतरे में डालती है
C. भाषा सीखने में बाधा उत्पन्न करती है –
D. भाषा सीखने में एक महत्वपूर्ण संसाधन है

105. बच्चे विद्यालय आने से पहले
A. भाषा के चारों कौशलों पर पूर्ण अधिकार रखते हैं
B. अपनी भाषा की नियमबद्ध व्यवस्था की व्यावहारिक कुशलता के साथ आते हैं
C. कोरी स्लेट होते हैं
D. भाषा का समुचित उपयोग करने में समर्थ नहीं होते

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!