CTET December 2019 – Paper – II (Child Development and Pedagogy) Answer Key

CTET December 2019 – Paper – II (Child Development and Pedagogy) Answer Key

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परीक्षा (Exam) – CTET Paper II Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) – Part – I – बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) – 08th December 2019 (Evening Shift)


1. नूर विद्यालय में अपना लंच बॉक्स लाना भूल गई तथा यह कहते हुए तान्या से उसका लंच साझा करने के लिए कहा, “तुम्हें आज अपना लंच मेरे साथ साझा करना चाहिए क्योंकि कल मैंने तुम्हारे साथ अपना लंच साझा किया था।” लॉरेंस कोलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार नूर का कथन अभिविन्यास प्रारूप को _अवस्था पर दर्शाता है।
(1) कानून एवं व्यवस्था; पश्च-परम्परागत
(2) आज्ञापालन; पूर्व-परम्परागत
(3). अच्छा होना; परम्परागत .
(4) आदान-प्रदान; परम्परागत

2. समाज में विभिन्न लिंगों के लिए उपयुक्त मानी जाने वाली प्रारूपिक विशेषताओं के बारे में जन सामान्य की अवधारणाओं को क्या कहते हैं?
(1) जेंडर विभेदीकरण
(2) जेंडर भूमिकाएँ
(3) जेंडर पहचान
(4) जेंडर रूढ़िवादिताएँ

3. हाल ही में पाठ्यचर्या में ऐसी कहानियों को शामिल करने के लिए विवेकशील प्रयास किया गया है जिसमें पिता घर के कार्यों में लगा रहता है और माता साहसी गतिविधिर्यों को करती है । यह कदम किसलिए महत्त्वपूर्ण है?
(1) यह जेंडर पक्षपात को सशक्त बनाता है।
(2) यह जेंडर रूढ़िवादिता को समाप्त करता है।
(3) यह जेंडर स्थिरता को प्रोत्साहित करता है।
(4) यह जेंडर विभेदीकरण को बढ़ाता है।

4. वायगोट्स्की के अनुसार, जब एक वयस्क बच्चे के निष्पादन के वर्तमान स्तर को सहयोग द्वारा विस्तारित करता है तो इसे क्या कहते हैं? (1) खोजपूर्ण अधिगम
(2) समीपस्थ विकास का क्षेत्र
(3) पाड़ (ढांचा)
(4) अंत: व्यक्तिनिष्ठता

5. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, परिकल्पित निगमनात्मक तर्क किस अवधि में विकसित होता है ?
(1) संवेदी-चालक अवस्था
(2) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
(3) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(4) अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था

6. ______ के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।
(1) लॉरेंस कोलबर्ग
(2) जीन पियाजे
(3) लेब वायगोट्स्की
(4) अलबर्ट बैन्डुरा

7. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत से निहितार्थ निकालते हुए एक ग्रेड 6-8 के शिक्षक को अपनी कक्षा में क्या करना चाहिए?
(1) तार्किक बहस के प्रयोग को हतोत्साहित करना चाहिए।
(2) ऐसी समस्याएँ प्रस्तुत करनी चाहिए जिसमें तर्क आधारित समाधान की आवश्यकता होती है।
(3) एक अवधारणा को पढ़ाने के लिए केवल मूर्त सामग्रियों का प्रयोग करना चाहिए।
(4) केवल निर्धारित पाठ्यक्रम पर निर्भर रहना चाहिए।

8. हावर्ड गार्डनर के बहु बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, ‘तार्किक-गणितीय’ बुद्धि वाले एक व्यक्ति की क्या विशेषताएँ हो सकती हैं ?
(1) ध्वनि, ताल तथा शब्दों के अर्थ के प्रति संवेदनशीलता।
(2) दृश्य-स्थानिक परिवेश को सटीक रूप से ग्रहण करने की योग्यता।
(3) संगीतमय अभिव्यक्तियों के आवाज के  स्तर, ताल एवं सौंदर्यपरक गुणों को उत्पन्न करने एवं प्रशंसा करने की योग्यता ।
(4) पैटर्न को खोजने की एवं तर्क की लम्बी श्रृंखला को हल करने की क्षमता और संवेदनशीलता।

9. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा बच्चे आदतों, कौशलों.” मूल्यों तथा अभिप्रेरणा को विकसित करते हैं और जो उन्हें समाज का जिम्मेदार एवं क्रियाशील सदस्य बनाती है, उसे क्या कहा जाता है ?
(1) सामाजीकरण
(2) समावेशन
(3) मुख्यधारा से जुड़ना
(4) विभेदीकरण

10. मानव विकास के संदर्भ में आनुवंशिकता तथा पर्यावरण की भूमिका के बारे में निम्नलिखित कधों में से कौन सा सही है?
(1) वैयक्तिक विभिन्नताओं का एकमात्र कारण आनुवंशिकता है।
(2) परिवेशीय प्रभाव पूर्ण रूप से एक व्यक्ति के विकास को निर्धारित करते हैं।
(3) मानव-विकास को न तो आनुवंशिकता और न ही पर्यावरण प्रभावित करते हैं।
(4) आनुवंशिकता एवं पर्यावरण दोनों एक जटिल पारस्परिक क्रिया के रूप में मानव विकास को प्रभावित करते हैं।

11. एक प्रगतिशील कक्षा में
(1) विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान की संरचना की जाती है।
(2) विद्यार्थी के द्वारा निष्क्रिय रूप से ज्ञान प्राप्त किया जाता है।
(3) विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान को उसी रूप में दोहराया जाता है।
(4) शिक्षक के निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी के द्वारा ज्ञान का अनुस्मरण किया जाता है।

12. सतत् एवं समन मूल्यांकन में क्या शामिल है ? –
(1) केवल संरचनात्मक आकलन
(2) केवल संकलनात्मक आकलन
(3) ना तो संरचनात्मक न ही संकलनात्मक आकलन
(4) विविध प्रकार की रणनीतियों का प्रयोग करते हुए दोनों संरचनात्मक । संकलनात्मक आकलन का प्रयोग करना

13. आपकी कक्षा के एक विद्यार्थी को विभिन्न स्रोतों से बार-बार यह बताया गया है कि उसके सामाजिक वर्ग के लोग शैक्षिक क्षेत्र में निम्न स्तरीय प्रदर्शन करते हैं । इस रूढ़िवादिता एवं परिणामिक रूढ़िवादी आशंका के प्रभाव को कम करने के लिए एक शिक्षक को क्या पहल करना चाहिए?
(1) इस प्रकार के सरोकारों को अनदेखा करना चाहिए।
(2) विभिन्न सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता आयोजित करनी चाहिए।
(3) विद्यार्थी से पढ़ाई छोड़कर किसी अन्य क्षेत्र में शामिल होने के लिए सलाह देनी चाहिए।
(4) विभिन्न सामाजिक वर्गों के रोल मॉडल से संबंधित कहानियों एवं उदाहरणों को प्रस्तुत करना चाहिए।

14. एक समावेशी कक्षा में शिक्षक को क्या करना चाहिए?
(1) यह विश्वास करना चाहिए कि प्रत्येक बच्चे में अपनी योग्यताओं एवं शक्ति के अनुसार सीखने की क्षमता है।
(2) अशक्त अधिगमकर्ताओं के प्रति दया एवं सहानुभूति का भाव प्रदर्शित करना चाहिए।
(3) बच्चों को ‘अपाहिज बच्चा’, ‘मंद बुद्धि बच्चा’ आदि के रूप में वर्गीकृत करना चाहिए।
(4) केवल प्रतिभाशाली एवं योग्य बच्चों पर ध्यान देना चाहिए।

15. एक विद्यार्थी कक्षा में निम्नलिखित लक्षण प्रदर्शित करता है:
– पढ़ने के प्रति चिंता
– शब्दों या अक्षरों को पहचानने में कठिनाई
– निम्न स्तरीय शब्दावली कौशल
– पहले पड़े हुए पाठ को समझने या याद
करने में कठिनाई ये किसके सूचक हैं?
(1) एक ‘स्वलीन’ विद्यार्थी के ।
(2) एक सृजनात्मक विद्यार्थी के
(3) अधिगम अशक्तता वाले विद्यार्थी के
(4) ‘मानसिक क्षति’ वाले विद्यार्थी के

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