खाद्यान्न फसलें

खाद्यान्न फसलें (Cereal Crops)

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खाद्यान्न फसलों से अभिप्राय घास कुल (ग्रेमिनी) के उन पौधों से है, जिन्हें अधिकांशतः मानव भोजन के रूप में उगाए जाने वाले पौधों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। यह फसलें संपूर्ण विश्व में मानव के भरण पोषण का प्रमुख आधार (Staple food) हैं। खाद्यान्न वर्ग की फसलों को मुख्यत: तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है –

  1. प्रमुख खाद्यान्न फसलें (Major Cereals crops) – इसके अंतर्गत आजकल गेहूँ, धान तथा जौ आदि को सम्मिलित किया जाता है।
  2. मोटे खाद्यान्न फसलें (Millets/Minore Cereals crops) – इसके अंतर्गत मक्का, ज्वार तथा बाजरा आदि फसलों को सम्मिलित किया जाता है।
  3. लघु खाद्यान्न फसलें (Smaller Cereals crops) – इसके अन्तर्गत मंडुवा (रागी), कोदों, साँवा, काकुन, चेना तथा कुटकी आदि फसलों को सम्मिलित किया जाता है।

Note:

  • मंडुवा (रागी), मधुमेह रोगियों के लिए एक लाभदायक खाद्यान्न फसल है।
  • खाद्यान्न फसलों की कृषि सर्वप्रथम नवपाषाण काल (Neolithic Age) में शुरू हुई थी।

कुछ प्रमुख फसलें निम्नलिखित है –

खाद्यान्न फसलें 

दलहनी फसलें (Pulses crops)

तिलहनी फसलें (Oilseed crops)

व्यापारिक फसलें (Commercial crops)

ऊर्जा फसलें (Energy crops) – वह फसलें जिनकी खेती उनसे द्रव के रूप में ऊर्जा प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है, उन्हें ऊर्जा फसलें (Energy crops) कहते है। जैसे – इथेनॉल एवं अल्कोहल प्राप्त करने के लिए, आलू, गन्ना, जौ, मक्का आदि फसलों की खेती की जाती है।

Note :

  • गन्ना, मक्का, बाजरा व ज्वार C4 पौधों के अंतर्गत आते है। C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान 4 – कार्बन युक्त पदार्थ आक्जेलोएसीटेट बनता है। 

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