उत्तराखंड की लोक चित्रकला

गढ़वाल शैली की चित्रकला के अतिरिक्त उत्तराखंड में विभिन्न मांगलिकअवसरों पर  विभिन्न प्रकार के लोकचित्र बनाने की परम्परा है। जैसे − ऐंपण (छिपण), ज्यूंति मातृका, प्रकीर्ण , पौ, डिकारे, पट्ट आदि। ऐंपण (छिपण) – ऐंपण से तात्पर्य लीपने या सजावट करने से है। ऐंपण को

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उत्तराखंड नाट्य कला (Uttarakhand Drama’s)

गढ़वाली व कुमाऊंनी भाषा में सिनेमा के इतिहास की शुरुआत वर्ष 1983 में हुई।  फिल्म जग्वाल (गढ़वाली में) से शुरू होता है। 1983 से वर्तमान तक गढ़वाली व कुमाऊंनी भाषा में सैकड़ों फिल्मों का निर्माण किया जा चुका है। सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में

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उत्तराखंड के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान

साहित्य, संस्कृति एवं कला परिषद – राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड की संस्कृति के विकास, संरक्षण एवं प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए वर्ष  2004 में इस परिषद का गठन देहरादून (Dehradun) में किया गया। इस परिषद में ख्याति प्राप्त पुरातत्वविदों, साहित्यकारों, चित्रकारों,  नाटककारों, संगीतकारों और लोक

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उत्तराखंड के प्रमुख पारंपरिक परिधान व आभूषण

उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों एवं उत्तराखंड की लोक संस्कृति को मुख्यत: दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है − कुमाऊंनी (Kumauni) गढ़वाली (Garhwali) उत्तराखंड के प्रमुख पारंपरिक परिधान (Major Traditional Apparel of Uttarakhand) गढ़वाली परिधान (Garhwali Apparel) गढ़वाली पुरूषों के परिधान − धोती, कुर्ता,

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उत्तराखंड राज्य की 110 तहसीलें

उत्तराखंड के 13 जनपदों को 110  तहसीलों में विभाजित किया गया है। जिसमें पिथौरागढ़ जनपद में सर्वाधिक 13 तहसीलें तथा सबसे कम 4-4 तहसीलें रुद्रप्रयाग व हरिद्वार में हैं। उत्तराखंड में की तहसीलों के अतिरिक्त 18 उप तहसीलें तथा 95 विकासखंड भी हैं।

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उत्तराखंड विधानसभा सीटों का विवरण

उत्तराखंड में विधानसभा सीटों की कुल संख्या 70 है, जिनमें से 15 सीटों को अनुसूचित जाति (Scheduled Castes) व अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) के लिए आरक्षित किया गया है। अनुसूचित जाति (S.C) के लिए आरक्षित – 13 सीट अनुसूचित जनजाति (S.T) के लिए आरक्षित –

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उत्तराखंड राज्य के 95 विकासखंड/ब्लाक

अल्मोड़ा (Almora) – उत्तराखंड के अल्मोड़ा (Almora) जनपद में 11 विकासखंड (Development block) है, जो निम्नलिखित है – स्यालदे (Syalde), चौखुटिया (Chaukhutia), भिकियासैंण (Bhikiyasain), ताड़ीखेत (Tadikhet), सल्ट (Salt), द्वाराहाट (Dwarahat), लमगड़ा (Lamgra), धौलादेवी (Dhauladevi), हवालबाग (Hawalbag), ताकुला (Takula) व भैसियाछाना (BhasiaChana)। नैनीताल (Nainital) – उत्तराखंड

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कुली बेगार आन्दोलन (Kuli Begar Movement)

इस प्रथा में व्यक्ति को बिना पारिश्रमिक दिए कुली का काम करना पड़ता था  इसी कारण इसे  कुली बेगार (Kuli Begar) कहा जाता था | विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानो (पधानों) का यह दायित्व था, कि वह एक निश्चित अवधि के लिये, निश्चित संख्या में 

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उत्तराखंड का इतिहास – प्रागैतिहासिक काल

उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य में विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुए पाषाणकालीन उपकरण, गुफा, शैल-चित्र, कंकाल, और  धातुओं के उपकरणों से प्रागैतिहासिक काल में मानव निवास की पुष्टि हुई हैं| इस काल के साक्ष्य निम्न स्थलों से प्राप्त हुए है – लाखु गुफा (Lakhu Cave) – वर्ष 1963 में

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उत्तराखण्ड का परिचय

उत्तराखंड राज्य उत्तराखंड (Uttarakhand) भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। यह भारत का 27 वाँ और हिमालिय क्षेत्र का 11वाँ राज्य हैं। इसे देवभूमि (Devbhomi) के नाम से भी जाना जाता हैं क्योंकि यहाँ पर बहुत से हिन्दू देवी-देवताओँ  के मंदिर स्थित हैं। राज्य

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