उत्तराखंड का भौगोलिक विस्तार व संरचना

उत्तराखंड राज्य वृहत हिमालयी क्षेत्र व गंगा के मैदानी क्षेत्र के मध्य में स्थित है। उत्तराखंड राज्य का कुल क्षेत्रफल 53, 484 वर्ग किमी तथा आकार आयताकार है। पूर्व से पश्चिम तक उत्तराखंड राज्य की लंबाई- 358 Km है, जबकि राज्य का कुल क्षेत्रफल –

Continue Reading..

उत्तराखंड में रेल परिवहन

जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में रेल पथ का विकास बहुत ही कम हुआ है। उत्तराखंड में रेलवे का विस्तार केवल 344.9 Km में ही हुआ है, जिसमें 283.7 Km बड़ी लाइने व 15 Km छोटी लाइने है। उत्तराखंड में जितने भी रेल लाइनें हैं

Continue Reading..

उत्तराखंड के इतिहास के स्रोत (Sources of Uttarakhand History)

इतिहास के अध्ययन की दृष्टि से उत्तराखंड के इतिहास को 3 भागों में बांटा गया है- पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources) साहित्यिक स्रोत (Literature Source) विदेशी यात्रियों के विवरण पुरातात्विक स्रोत (Archaeological sources)  किसी भू-भाग में मानव गतिविधियों व उनकी संस्कृति को जानने हेतु पुरातात्विक स्रोत

Continue Reading..

अल्मोड़ा जिले के प्रमुख मंदिर (Major Temples in Almora District)

अल्मोड़ा जिले के मंदिरों को आसानी से दो समूहों में विभाजित किया जा सकता है। अल्मोड़ा शहर को कुमाऊं का शीशफूल भी कहा जाता है। Note: अल्मोड़ा नगर, काषाय पर्वत की चोटी पर स्थित है। अल्मोड़ा जिले में स्थित कसार देवी मंदिर अद्वितीय और चुंबकीय

Continue Reading..

उत्तराखंड में भूकंप का प्रभाव

वैज्ञानिकों दृष्टिकोण से भारतीय भू-भाग को 5 भूकम्पीय क्षेत्रों (जोन) में विभाजित किया गया है। जिसमें 2 क्षेत्र (जोन) उत्तराखंड के अंतर्गत आते है – जोन 4 – इसके अंतर्गत संवेदनशील जिले आते है, जैसे – देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, उधमसिंह नगर। जोन 5 –  इसके

Continue Reading..

उत्तराखंड राज्य के प्रतीक चिह्न

9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश (UP) के 13 पहाड़ी जिलों को काटकर भारतीय गणतन्त्र के 27वें राज्य के रूप उत्तराखंड का गठन किया गया। उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों के गठन के क्रम में 11वें राज्य के रूप में शामिल किया गया। उत्तराखंड का राज्य

Continue Reading..

उत्तराखण्ड राज्य के प्रमुख बुग्याल

बुग्याल भारत के उत्तराखंड राज्य में हिमालय की तलहटी में 3,300 मीटर (10,800 फीट) और 4,000 मीटर (13,000 फीट) के बीच उच्च ऊंचाई वाली श्रेणी में अल्पाइन चरागाह भूमि या घास के मैदानों को बुग्याल कहा जाता हैं, जहां उन्हें “प्रकृति का उद्यान” भी कहा

Continue Reading..

कुमाउँनी लोक साहित्य (Folk literature of Kumaon)

कुमाउँनी लोक साहित्य को मुख्यत: दो भागों में विभाजित किया जा सकता हैं – लिखित साहित्य (Written literature) मौखिक लोक साहित्य (Oral folk literature) लिखित साहित्य (Written literature)  डॉ. योगेश चतुर्वेदी के अनुसार लोहाघाट के एक व्यापारी के पास से चंपावत के चंद राजा थोर

Continue Reading..

उत्तराखंड – संक्षिप्त विवरण

9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश के 13 हिमालयी जिलों को काटकर भारतीय गणतंत्र के के 27 वे तथा हिमालयी राज्यों के क्रम में 11 वें राज्य के रूप उत्तराँचल (Uttaranchal) राज्य का गठन किया गया। 1 जनवरी 2007 को राज्य का नाम परिवर्तित कर

Continue Reading..
1 2 3