उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 27)

सिख गुरु महंत रामसेवक को कढ़ाई दीप परीक्षा से गुजरना पड़ा था। वर्ष 1890 में नैनीताल में बोट हाउस क्लब (Boat House Club) की स्थापना की गयी थी। पौड़ी (उत्तराखंड) टेली रेडियोलॉजी

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 26)

वर्ष 1930 में अमन सभा की स्थापना लैंसडाउन (पौड़ी-गढ़वाल) में की गयी थी। इसी सभा के अनुरोध पर सर सर मैल्कम हेली (Malcolm Hailey) पौड़ी आये थे। वर्ष 1913 में कुमाऊं मंडल

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 25)

दंगलेश्वर महादेव (Dangaleshwar Mahadev) का मंदिर उत्तराखंड के सतपुली (पौड़ी) नगर में स्थित है। रथी देवता का मंदिर उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के अलेरू किल्याखाल में स्थित है। माता सुखरौ देवी

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 24)

कार्तियपुर राजवंश (कत्यूरी वंश) का अंतिम शासक वीरदेव था, जिसे जागरों में वीरमदेव के नाम से भी जाना जाता है। यौधेय शासकों की मुद्राएँ उत्तराखंड में जौनसार-भाबर देहरादून, कालों डांडा, लैंसडाउन व

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 23)

ऑडिन कॉल दर्रा (Auden’s Col Pass) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। अंजनी देवी (हनुमान की माता) का मंदिर उत्तराखंड के औली में स्थित है। महात्मा गांधी द्वारा यंग इण्डिया (Young

प्रमुख समाधि स्थल एवं सम्बन्धित व्यक्ति

प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर महापुरुषों के समाधि स्थल से प्रश्न आते रहते है कि, किस महापुरुष की समाधि स्थल का क्या नाम है, तथा कहा स्थत हैं। हमने इसे संक्षिप्त में समझाने

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 22)

उत्तराखंड में भोटिया जनजाति द्वारा गठिया रोग के निवारण के लिए भैकल पौधे के बीज से तेल निकालकर खाते है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के दयारा बुग्याल क्षेत्र में मक्खन की होली

पुरंदर दास (Purandara Dasa)

कर्नाटक के पुरातत्व, विरासत और संग्रहालय विभाग, जल्द ही अरगा क्षेत्र, मालनाड (मलेनडू) में अनुसंधान कार्य शुरू करने की योजना पर कार्य करने जा रहा है, ताकि कर्नाटक संगीत के जनक पुरंदर दास के जन्मस्थान

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 21)

वर्ष 1908 में जोध सिंह नेगी द्वारा पौड़ी गढ़वाल में कुली एजेंसी की स्थापना की गयी थी। पंडित गोविंद बल्लभ पंत द्वारा फारेस्ट प्रॉब्लम ऑफ कुमाऊं (Forest problem of Kumaon) नामक पुस्तक

उत्तराखंड से संबंधित प्रमुख तथ्य (Part 20)

H.K मथवाल द्वारा उत्तराखंड के रूपकुण्ड (चमोली) में पहला नरकंकाल खोजा गया था। प्रसिद्ध लोक संगीतज्ञ गोपीदास जी उत्तराखंड के कौसानी (अल्मोड़ा) से अत्यधिक प्रभावित थे। ब्रिटिश शासनकाल में तराई भाबर को