भैंस (Buffalo)

भैंस (Buffalo) एक पालतू पशु है, जिसका उपयोग दुग्ध उत्पादन के लिए किये जाता है। भैसों की 2 नस्लें पायी जाती है: भारतीय भैंसे – भारतीय भैंस को जल भैंस (Water buffalo)

पशुपालन (Animal husbandry)

कृषि विज्ञान (agricultural science) की वह शाखा, जिसके अंतर्गत पालतू पशुओं के स्वास्थ्य, आश्रय,  प्रजनन आदि का अध्ययन किया जाता है। उसे  पशुपालन (Animal husbandry) कहा जाता है। पशुपालन का इतिहास  स्वतंत्रता

गाय की नस्लें (Cattle breeds)

भारत में गाय की 37 नस्लें पाई जाती है। उपयोगिता के अदहर पर गौ पशुओं को 3 वर्गों में विभाजित किया गया है दुधारू (Milch) नस्ल की गाय – साहीवाल , लालसिंधी , गिर

बीज प्रौद्योगिकी (Seed technology)

बीज प्रौद्योगिकी (Seed Technology) से बीजों की आनुवंशिक और भौतिक विशेषताओं में सुधार किया जा सकता है। इसके अंतर्गत पौधों की नई प्रजातियों का विकास, बीज उत्पादन, मूल्यांकन, संग्रहण, प्रमाणीकरण आदि सम्मिलित

फल व सब्जियों के परिरक्षण की विधियाँ (Methods of preservation of fruits and vegetables)

फल संरक्षण की विधियों को मुख्यत: 4 भागों में विभाजित किया जा सकता है : भौतिक विधियाँ (Physical Methods) रासायनिक विधियाँ (Chemical Methods) किण्वन विधियाँ (Fermentation Methods) अरोगाणुता की विधियाँ (Asepsis Methods)

सब्जी उत्पादन (Vegetable production)

उद्यान विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत सब्जियों का अध्ययन किया जाता है, उसे सब्जी उत्पादन या शाकोत्पदान (Olericulture) कहते है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 300 ग्राम सब्जियों (115

मसाला उत्पादन (Spice production)

मसाले (Spices) भी एक प्रमुख बागवानी फसलें है। भारत को मसालों का घर (home of spices) तथा केरल को मसालों का बागान (spice garden) नाम से भी जाना जाता है। केरल मुख्य

पुष्पोत्पादन (Floriculture)

उद्यान विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत फूलों की खेती का अध्यन्न किया जाता है, पुष्पोत्पादन (Floriculture) कहलाता है। भारत में विभिन्न प्रकार की जलवायु होने के कारण वर्ष भर विभिन्न प्रकार

अन्य फलों से सम्बन्धित प्रमुख तथ्य

नींबू वर्ग के फल  कुल – रूटेसी उत्पति  – दक्षिण एशिया नींबू वर्ग के सभी फल समशीतोषण जलवायु के पौधे है। इस प्रजाति के पौधों में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया

केला (Banana)

वानस्पतिक नाम – मुसा पैराडिसियाका (Musa  paradisiaca) कुल – मुजैसी (Musaceae) मूल स्थान – दक्षिण-पूर्वी एशिया राष्ट्रीय केला अनुसंधान केन्द्र (National Research Centre for Banana – NRCB), तमिलनाडु के त्रिचुरापल्ली में स्थित है। इस फल में