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बांग्लादेश गोल्डन राइस (Golden Rice) की कृषि को मंजूरी

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बांग्लादेश गोल्डन राइस (Golden Rice) की कृषि को मंजूरी देने वाला पहला देश है।

  • गोल्डन राइस (Golden Rice) चावल की आनुवंशिक रूप से एक संशोधित प्रजाति है।
  • इसे फिलीपींस स्थित इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (International Rice Research Institute – IRRI) द्वारा विकसित किया गया है।
  • चावल की इस प्रजाति में विटामिन A की भरपूर मात्रा उपलब्ध है।
    • विटामिन A की कमी बच्चों में अंधेपन का प्रमुख कारण है और यह गोल्डन राइस (Golden Rice) खसरा जैसी संक्रामक बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होगी।

चावल की यह किस्म पारंपरिक किस्म से ज्यादा महंगी नहीं होगी।

चावलों में बीटा-कैरोटीन वर्णक (beta-carotene pigment) की उपस्थिति इसके सुनहरे रंग का कारण है।

  • पारंपरिक चावल वर्णक बीटा-कैरोटीन में स्वाभाविक रूप से कम है।
  • बीटा-कैरोटीन का उपयोग मानव शरीर द्वारा विटामिन A बनाने के लिए किया जाता है।

विटामिन A

विटामिन A  एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो शरीर में आँखों की रोशनी, त्वचा, हड्डियों और अन्य ऊतकों को स्वस्थ बनाए रखता है।

विटामिन A की कमी से रतौंधी, गले, छाती और पेट में संक्रमण, फॉलिक्युलर हाइपरकेराटोसिस (सूखी, ऊबड़-खाबड़ त्वचा), प्रजनन संबंधी समस्याएं आदि समस्याएं हो सकती है।

महिलाओं और बच्चों में विटामिन A की कमी की सबसे अधिक आशंका है, जो कि बच्चों में अँधेपन और रोग प्रतिरक्षा प्रणाली की अक्षमता का प्रमुख कारण है।

International Rice Research Institute (IRRI)

IRRI एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी, अनुसंधान और शैक्षिक संस्थान है, जिसकी स्थापना 1960 में फिलीपींस सरकार के समर्थन से फोर्ड और रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा की गई थी।

फिलीपींस के लॉस बानोस में स्थित इस संस्थान के 17 कार्यालय एशिया और अफ्रीका के चावल उत्पादन करने वाले देशों में हैं।

IRRI का दक्षिण एशिया में केंद्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।

इसका उद्देश्य चावल कृषकों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करना है; और आने वाली पीढ़ियों के लिए चावल उगाने वाले पर्यावरण की रक्षा करना।

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