दुग्ध उद्योग एवं दुग्ध पदार्थ

दुग्ध उद्योग एवं दुग्ध पदार्थ

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हमारे देश में दुग्ध उत्पादन के लिए मुख्यत: पशुपालन (गायभैंस) किया जाता है।

स्तनधारी वर्ग के सभी प्राणियों में स्तन ग्रंथियां (Mammary gland) पायी जाती है। इन ग्रंथियों से “दूध का स्रवण” होता है जो नवजात शिशुओं के लिए सर्वोत्तम पोषक आहार है।

दुधारू पशुओं में दूध, कूपिका कोशिकाओं (Alceolicells) में बनता है।

कूपिका कोशिकाएँ (Alceolicells), रक्त में से अव्ययों को लेकर उन्हें दूध में परिवर्तित कर देती है।

दुधारू पशुओं में दूध के निर्माण के लिए ऑक्सीटोसिन हार्मोन (Oxytocin hormone) एक प्रमुख करक है।

Note:

  • बेन्जोइक अम्ल (Benzoic acid) एक दूध परिरक्षक (preservative) है।
  • लाइपेज, एमाइलेजलेक्टेज दूध में पाए जाने वाले प्रमुख एंजाइम (enzyme) है।

दूध का तल तनाव (Surface Tension) 43.58 से 49.36 डाइन प्रति सेंटीमीटर होता है, जबकि पानी का ताल तनाव 70.25 डाइन प्रति सेंटीमीटर होता है।

दूध में लैक्टोबैसीलस (Lactobacillus) जीवाणु पाया जाता है, जिस कारण यह दही (curd) में परिवर्तित हो जाता है।

वह तापक्रम जिसमें कोई भी तरल पदार्थ जमता है, उसे तरल पदार्थ का हिमांक (freezing point) कहते है।

  • Note: दूध का हिमांक 0.55°C है।

वह कोई भी तरल पदार्थ जब उसमें गाढ़ापन (Viscosity) उत्पन्न होने लगता है, जिससे उसके बहाव में अवरोध उत्पन्न होने लगता है। गाढ़ेपन की इकाई पाइज (Poise) होती है।

  • Note: दूध का गाढ़ापन 1.5 – 2.0 पाइज (Poise) होता है।

दुग्ध पदार्थ (Dairy products)

दूध से विभिन्न प्रकार के पदार्थों का निर्माण किया जाता है, जो निम्नलिखित है –

क्रीम (Cream) – यह दूध से प्राप्त होने वाला वह पदार्थ है, जिसमें वसा की मात्रा 25% से कम ना हो   (औसतन 56%) उसे क्रीम कहते है। दूध से क्रीम दो विधियों से प्राप्त किया जाता है –

  1. गरूत्वाकर्षण विधि (Gravitational method)
  2. अपकेंद्रीय विधि (Centrifugal method)

मक्खन (Butter) – दूध या दही से प्राप्त क्रीम को मथने से मक्खन (Butter) प्राप्त होता है। मक्खन में दुग्ध वसा  के अतिरिक्त अन्य पदार्थ पशुचर्बी, मोम व वनस्पति घी आदि अनुपस्थित होते है। मक्खन में वसा की मात्रा लगभग 80-83% तथा अन्य पदार्थ 17-20% तक होते है।

  • Note: मक्खन में पानी की मात्रा लगभग 14-16% पायी जाती है।

आइसक्रीम (Ice Cream) – आइसक्रीम में 12.5% वसा, 10% वसा रहित ठोस पदार्थ, 16% चीनी तथा 39% ठोस पदार्थ की मात्रा   पायी जाती है।

टोंड दुग्ध (Toned milk) – मक्खन निकाले हुए दूध में दुग्ध चूर्ण मिलाकर टोंड दूध (Toned milk) तैयार किया जाता है। टोंड दुग्ध (Toned milk) में कम से कम 3% वसा तथा 8.5% वसा रहित ठोस पदार्थ पाए जाते है।

पूरित दुग्ध (Filled Milk)  – जब दूध में वसा के स्थान पर कोई वनस्पति वसा प्रतिस्थापित की जाती है, तो उसे पूरित दुग्ध कहते है।

संघनित दूध (Condensed Milk) – दूध में जल की कुछ मात्रा को निकालकर और शक्कर को दूध में मिलाकर बनाया गया दूध संघनित दूध (Condensed Milk) कहलाता है।

दूध से संबंधित अन्य प्रमुख तथ्य 

  • विश्व में सर्वाधिक दुग्ध पदार्थों (milk product) का उत्पादन डेनमार्क में किया जाता है, जबकि सर्वाधिक दूध का उत्पादन भारत में होता है।
  • दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए लैक्टोमीटर (Lactometer) का उपयोग किया जाता है।
  • गाय के घी तथा दूध में पीला रंग, कैरोटीन (Carotene) की उपस्थिति के कारण होता है।
  • दूध में मुख्यत: तीन प्रकार के प्रोटीन केसीन (casein), एलब्यूमिन (albumin) तथा ग्लोब्यूलिन (Globulin) पाए जाते है।
  • दूध में सफ़ेद रंग, केसीन (casein) की उपस्थिति के कारण होता है।
  • दूध एक कोलाइडी विलयन (Colloidal solution) है, जिसमें मिठास लैक्टोज (Lactose) की उपस्थिति के कारण होती है।
  • स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिस (Streptococcus lactis) तथा कोलाई फार्म दूध में उपस्थित लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल में बदलने वाले प्रमुख जीवाणु है।
  • बैसिलस सबटिलिस और स्यूडोमोनास फ्लुओरैसैंस वह प्रमुख जीवाणु है, जो प्रोटीन का किण्वन करने है।
  • एक्रोमोबैक्टर लिपोलिटिकम और स्यूडोमोनास फ्रैगाई वह प्रमुख जीवाणु है, जो वसा का किण्वन करने है।

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