उत्तराखंड में भूकंप का प्रभाव

वैज्ञानिकों दृष्टिकोण से भारतीय भू-भाग को 5 भूकम्पीय क्षेत्रों (जोन) में विभाजित किया गया है। जिसमें 2 क्षेत्र (जोन) उत्तराखंड के अंतर्गत आते है – जोन 4 – इसके अंतर्गत संवेदनशील जिले

उत्तराखंड राज्य के प्रतीक चिह्न

9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश (UP) के 13 पहाड़ी जिलों को काटकर भारतीय गणतन्त्र के 27वें राज्य के रूप उत्तराखंड का गठन किया गया। उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों के गठन के

उत्तराखण्ड राज्य के प्रमुख बुग्याल

बुग्याल भारत के उत्तराखंड राज्य में हिमालय की तलहटी में 3,300 मीटर (10,800 फीट) और 4,000 मीटर (13,000 फीट) के बीच उच्च ऊंचाई वाली श्रेणी में अल्पाइन चरागाह भूमि या घास के

कुमाउँनी लोक साहित्य (Folk literature of Kumaon)

कुमाउँनी लोक साहित्य को मुख्यत: दो भागों में विभाजित किया जा सकता हैं – लिखित साहित्य (Written literature) मौखिक लोक साहित्य (Oral folk literature) लिखित साहित्य (Written literature)  डॉ. योगेश चतुर्वेदी के

उत्तराखंड – संक्षिप्त विवरण

9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश के 13 हिमालयी जिलों को काटकर भारतीय गणतंत्र के के 27 वे तथा हिमालयी राज्यों के क्रम में 11 वें राज्य के रूप उत्तराँचल (Uttaranchal) राज्य

उत्तराखंड संगीतकला (Uttarakhand Music)

भाषा, शैली, विषय, गायन और समय आदि के आधार पर उत्तराखंड के लोकगीतों को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है – प्रेम या प्रणय गीत − इन गीतों के अंतर्गत

उत्तराखंड − कुमाऊँ क्षेत्र के प्रमुख किले

उत्तराखंड के अधिकांश किले (fort) कुमाऊँ क्षेत्र में ही स्थित है, जो निम्नलिखित है −   गोल्ला चौड़ किला − यह एक प्राचीन किला है, जिसका निर्माण राजा गोरिल द्वारा करवाया गया

उत्तराखंड की शिल्पकला

उत्तराखंड राज्य की शिल्पकला प्राचीन काल से ही अत्यधिक समृद्ध रही है। उत्तराखंड की शिल्पकला को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है − काष्ठ शिल्प मृत्तिका शिल्प धातु शिल्प चर्म

उत्तराखंड के प्रमुख वाद्य यंत्र

उत्तराखंड में लोक संगीत की समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें लगभग सभी प्रकार के वाद्य यंत्र (Musical instrument) बजाएँ जाते हैं, जो निम्नलिखित हैं – धातु या घन वाद्ययंत्र – मंजीरा, बिणाई,

उत्तराखंड की चित्रकला

उत्तराखंड की प्राचीन चित्रकला  उत्तराखंड में चित्रकला के सबसे प्राचीनतम साक्ष्य शैल चित्रों (Rock paintings) के रूप में निम्न स्थलों से प्राप्त होते है – लाखु गुफा (Lakhu Cave) ग्वारख्या गुफा (Guarakhya

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